असम.समाचार(स्पेशल)

राजेन गोहाई किस प्लेटफॉर्म पर अगला टिकट कटवाते हैं,असम की राजनीतिक पटरियों पर बड़ा बदलाव

राजेन गोहाई की छवि भाजपा में एक अनुभवी और ज़मीनी नेता की रही है। वे पार्टी के “पुराने पहिये” माने जाते थे, लेकिन पिछले कुछ महीनों से संगठन के भीतर उपेक्षा और टिकट बंटवारे को लेकर उनकी नाराजगी खुलकर सामने आने लगी थी।

विकास शर्मा

गुवाहाटी, 11 अक्टूबर 2025/असम.समाचार

असम की राजनीति में इस समय सबसे चर्चित “रेल” वही है, जो अब भाजपा के प्लेटफॉर्म से छूट चुकी है। पूर्व केंद्रीय रेल मंत्री राजेन गोहाई ने भाजपा को अलविदा कहकर सियासी गलियारों में हलचल मचा दी है। उनके साथ 17 अन्य राजनीतिक नेताओं ने भी पार्टी से इस्तीफा देकर यह साफ कर दिया है कि असम की राजनीतिक पटरियों पर बड़ा बदलाव आने वाला है।

2026 के विधानसभा चुनाव अब दूर नहीं, और ऐसे में गोहाई का यह कदम भाजपा के लिए केवल एक त्यागपत्र नहीं, बल्कि एक चेतावनी सिग्नल की तरह देखा जा रहा है। नगांव जिले में उनकी पकड़ लंबे समय से मजबूत रही है, और यदि वे किसी अन्य राजनीतिक दल विशेषकर कांग्रेस या क्षेत्रीय पार्टी से जुड़ते हैं, तो भाजपा को न केवल नगांव में, बल्कि मध्य असम के कई जिलों में नुकसान झेलना पड़ सकता है।

राजेन गोहाई की छवि भाजपा में एक अनुभवी और ज़मीनी नेता की रही है। वे पार्टी के “पुराने पहिये” माने जाते थे, लेकिन पिछले कुछ महीनों से संगठन के भीतर उपेक्षा और टिकट बंटवारे को लेकर उनकी नाराजगी खुलकर सामने आने लगी थी।

राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि गोहाई का यह कदम “एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि संगठन के भीतर बढ़ती बेचैनी का संकेत” है। असम की राजनीति में यह पहली बार नहीं है जब चुनाव से ठीक पहले पुराने नेता नई संभावनाओं की खोज में निकल पड़े हों, पर इस बार मामला और गंभीर है, क्योंकि गोहाई के साथ एक पूरा “राजनीतिक डिब्बा” भी पार्टी से उतर गया है।

अब सबकी नज़र इस बात पर है कि राजेन गोहाई किस प्लेटफॉर्म पर अगला टिकट कटवाते हैं, क्या वे क्षेत्रीय राजनीति में नया अध्याय लिखेंगे या किसी पुराने सियासी हमसफर के साथ नया सफर शुरू करेंगे।

फिलहाल इतना तय है कि असम की राजनीति की रेल अब उसी ट्रैक पर नहीं दौड़ रही, जिस पर भाजपा को पूरा भरोसा था।

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