नगांव में नामांकन के साथ सियासी तापमान बढ़ा, भाजपा-अगप ने दिखाई ताकत
चुनाव के नजदीक आते ही नगांव में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं और आने वाले दिनों में प्रचार अभियान के साथ सियासी तापमान और बढ़ने की उम्मीद है।

विकास शर्मा,
नगांव 20 मार्च 2026/असम.समाचार
असम विधानसभा चुनाव को लेकर नगांव जिले में शुक्रवार को सियासी हलचल तेज हो गई, जब भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और उसकी सहयोगी असम गण परिषद (अगप) के उम्मीदवारों ने अपने-अपने नामांकन पत्र दाखिल किए। नगांव-बटद्रोवा सीट से रूपक शर्मा, बरहमपुर से जीतू गोस्वामी और रोहा विधानसभा क्षेत्र से अगप के शशिकांत दास ने जिला उपायुक्त कार्यालय पहुंचकर औपचारिक रूप से पर्चा भरा।
तीनों उम्मीदवारों ने शक्ति प्रदर्शन करते हुए भारी संख्या में समर्थकों के साथ रैली के रूप में जिला कार्यालय तक पहुंच बनाई।
समर्थकों में खासा उत्साह देखने को मिला, वहीं प्रशासन ने भी किसी प्रकार की अव्यवस्था से बचने के लिए कार्यालय परिसर के बाहर और आसपास बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की थी।
नगांव-बटद्रोवा से भाजपा प्रत्याशी रूपक शर्मा ने नामांकन के बाद कहा कि क्षेत्र में विकास कार्यों को आगे बढ़ाना उनकी प्राथमिकता है। उन्होंने दावा किया कि जनता का समर्थन उन्हें लगातार मिल रहा है और इस बार भी वे जीत दर्ज करेंगे।
बरहमपुर से भाजपा उम्मीदवार जीतू गोस्वामी ने कहा कि राज्य में भाजपा सरकार की नीतियों और योजनाओं का सकारात्मक असर जनता पर पड़ा है। उन्होंने भरोसा जताया कि मतदाता विकास के मुद्दे पर फिर से भाजपा को समर्थन देंगे।
वहीं रोहा से अगप प्रत्याशी शशिकांत दास ने कहा कि भाजपा-अगप गठबंधन मजबूत स्थिति में है और यह तालमेल क्षेत्र में स्थिर और विकासोन्मुखी सरकार देने में सक्षम है।
नगांव जिले की ये तीनों सीटें राजनीतिक दृष्टि से काफी अहम मानी जाती हैं। नगांव-बटद्रोवा में रूपक शर्मा का लगातार प्रभाव रहा है, जबकि बरहमपुर सीट पर मुकाबला इस बार कड़ा होने के संकेत हैं। रोहा सीट पर अगप की मौजूदगी और भाजपा के साथ गठबंधन समीकरण चुनाव को दिलचस्प बना रहे हैं।
विश्लेषकों के अनुसार, भाजपा और उसके सहयोगियों द्वारा नामांकन के दौरान शक्ति प्रदर्शन यह संकेत देता है कि पार्टी जमीनी स्तर पर अपनी पकड़ मजबूत दिखाने की रणनीति पर काम कर रही है। वहीं विपक्ष भी इन सीटों पर मजबूत चुनौती देने की तैयारी में है, जिससे मुकाबला त्रिकोणीय होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
चुनाव के नजदीक आते ही नगांव में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं और आने वाले दिनों में प्रचार अभियान के साथ सियासी तापमान और बढ़ने की उम्मीद है।



