रोहा के दीघलदरी मिलपुर में बना अनोखा ‘भेलाघर’, जुबिन गर्ग के चेहरे की आकृति ने खींचा सबका ध्यान

विकास शर्मा
नगांव 12 जनवरी 2026/असम.समाचार
बीते वर्षों की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए इस बार भी रोहा के दीघलदरी मिलपुर में भव्य और आकर्षक भेलाघर (जिसे स्थानीय भाषा में खेड़ का घर कहा जाता है) का निर्माण किया गया है।
खास बात यह है कि इस वर्ष का भेलाघर असम के लोकप्रिय गायक और ‘प्राणर कलाकार’ जुबिन गर्ग के मुख-मंडल की आकृति में तैयार किया गया है।
इस अनूठे भेलाघर का निर्माण छह गांवों के 14 उत्साही युवकों ने सामूहिक प्रयास से किया है।
युवाओं की इस रचनात्मक पहल ने लोगों का दिल जीत लिया है। जुबिन गर्ग के प्रशंसकों सहित आम लोगों में इसे देखने को लेकर खासा उत्साह है। परिणामस्वरूप, इस भेलाघर को देखने के लिए असम के विभिन्न जिलों से लोगों की भारी भीड़ उमड़ रही है।
इसके अलावा, जिले के अलग-अलग स्थानों पर भी आकर्षक और कलात्मक ढंग से कई अन्य भेलाघरों का निर्माण किया जा रहा है, जो माघ बिहू के उत्सव की रौनक को और बढ़ा रहे हैं।
गौरतलब है कि दिसंबर के अंत और जनवरी की शुरुआत में असमिया कैलेंडर के ‘माघ’ महीने में मनाया जाने वाला पर्व माघ बिहू या भोगाली बिहू फसल कटाई के अंत का प्रतीक है। यह त्योहार सामूहिक दावत, मेजी जलाने और पारंपरिक पीठा (चावल से बने व्यंजन) के साथ पूरे उत्साह और उल्लास से मनाया जाता है।
दीघलदरी मिलपुर का यह विशेष भेलाघर न सिर्फ माघ बिहू की परंपरा को जीवंत कर रहा है, बल्कि युवाओं की कला, एकता और सांस्कृतिक चेतना का भी सशक्त उदाहरण बनकर उभरा है।



