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शांति, प्रगति और भूमि की सुरक्षा,असम के मुख्यमंत्री का स्वतंत्रता दिवस संदेश

"हमें अपनी भूमि, संस्कृति और पहचान की रक्षा करनी होगी। यदि बाहरी लोगों को 10 साल का अवसर मिला, तो हमारी जाति अपनी जमीन खो देगी। 15 साल में 80% लोग मंत्री और विधायक बन जाएंगे। अपने भविष्य के लिए एकजुट हों, संघर्ष करें और अपनी भूमि किसी अज्ञात व्यक्ति को कभी न बेचें या किराए पर दें।"

गुवाहाटी, 15 अगस्त 2025/असम.समाचार

विकास शर्मा

असम के मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्वा सरमा ने शुक्रवार को खानापारा में आयोजित स्वतंत्रता दिवस समारोह में राज्य के भविष्य के लिए महत्वाकांक्षी विज़न पेश किया। उन्होंने बताया कि असम देश में सबसे तेज आर्थिक विकास कर रहा है, जहां राज्य का सकल घरेलू उत्पाद (GSDP) 2020-21 में ₹3.40 लाख करोड़ से बढ़कर 2025-26 में अनुमानित ₹7.25 लाख करोड़ हो जाएगा, जो 113% की अभूतपूर्व वृद्धि है। मुख्यमंत्री ने इस बदलाव का श्रेय “कड़ी मेहनत, राजनीतिक स्थिरता और हाल के वर्षों में स्थापित शांति” को दिया।

युवाओं को चेतावनी देते हुए उन्होंने कहा

“हमें अपनी भूमि, संस्कृति और पहचान की रक्षा करनी होगी। यदि बाहरी लोगों को 10 साल का अवसर मिला, तो हमारी जाति अपनी जमीन खो देगी। 15 साल में 80% लोग मंत्री और विधायक बन जाएंगे। अपने भविष्य के लिए एकजुट हों, संघर्ष करें और अपनी भूमि किसी अज्ञात व्यक्ति को कभी न बेचें या किराए पर दें।”

मुख्यमंत्री ने श्रद्धांजलि कन्नन, गुवाहाटी में स्वतंत्रता संग्राम के शहीदों को पुष्पांजलि अर्पित कर गोपीनाथ बोरदोलोई और बिष्णुराम मेधी जैसे महान नेताओं को याद किया। उन्होंने कहा, “असम में हमने शांति का कबूतर उड़ाया है” – शांति समझौतों, उग्रवाद पर काबू और महिलाओं के खिलाफ अपराधों में कमी का उल्लेख करते हुए उन्होंने 2026 तक बाल विवाह समाप्त करने का संकल्प दोहराया।

बीते 4-5 वर्षों में राज्य में प्रतिदिन औसतन 14 किमी सड़क निर्माण, विकास की गति में देश में तीसरा स्थान और 1.20 लाख से अधिक बीघा अतिक्रमित भूमि (सत्रों की भूमि सहित) मुक्त कराने की उपलब्धियों का भी उल्लेख किया। उन्होंने अर्धचालक असेंबली यूनिट, गुवाहाटी रिंग रोड, नमरूप पुनर्जीवन, रेलवे विद्युतीकरण और हवाई अड्डा विस्तार जैसी परियोजनाओं को राज्य के बुनियादी ढांचे में ऐतिहासिक बदलाव बताया।

रोज़गार के क्षेत्र में 1.51 लाख से अधिक सरकारी नौकरियां देने और अक्टूबर में हजारों नई नियुक्तियों की घोषणा का संकेत दिया। उन्होंने महिलाओं की माइक्रोफाइनेंस ऋण माफी और 35.9 लाख स्वयं सहायता समूह सदस्यों को सशक्त बनाने को आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।

पर्यटन में असम को देश का चौथा सबसे अधिक देखा जाने वाला राज्य बताते हुए, उन्होंने टाटा पावर, अदाणी पावर और JSW समूह के साथ नवीकरणीय एवं थर्मल ऊर्जा परियोजनाओं को लेकर राज्य को ऊर्जा हब बनाने की योजना साझा की।

“लव जिहाद” और असम की संस्कृति पर हमलों को लेकर कड़ी चेतावनी देते हुए उन्होंने कहा, “वे धुबरी से बरपेटा और अब मार्घेरिटा तक पहुंच चुके हैं। हमें शिक्षा से लेकर कानून तक हर क्षेत्र में अपनी स्थिति मजबूत करनी होगी और भूमि व पहचान की रक्षा करनी होगी।”

अपने संबोधन के अंत में मुख्यमंत्री ने युवाओं से आह्वान किया –

“आर्थिक विकास से सामाजिक सौहार्द तक, असम एक निर्णायक मोड़ पर खड़ा है। आइए, हम मिलकर अपने घर की रक्षा करें और अपना भविष्य गढ़ें।”

 

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