“पवन खेड़ा का बयान निराधार, जवाब देना ही होगा”असम समाचार से बोले मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा
खेड़ा और राहुल दोनों गा.. है, दोनों ही पाग.. है, इन्हे जेल जाना होगा-मुख्यमंत्री

विकास शर्मा,
गुवाहाटी 7 अप्रैल 2026/असम.समाचार
असम की सियासत इन दिनों कांग्रेस और भाजपा के बीच तीखे आरोप-प्रत्यारोप के कारण गरमाई हुई है। कांग्रेस नेता पवन खेड़ा द्वारा मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी को लेकर लगाए गए आरोपों पर मुख्यमंत्री ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। “असम समाचार” से विशेष बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा कि पवन खेड़ा का बयान पूरी तरह निराधार और मनगढ़ंत है तथा इसे लेकर उनकी पत्नी रिनिकी भुइयां सरमा ने कानूनी कार्रवाई करते हुए मामला दर्ज कराया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी और पवन खेड़ा द्वारा लगाए गए आरोप पूरी तरह गलत हैं और राजनीतिक लाभ के लिए झूठ फैलाया जा रहा है। उन्होंने तीखे शब्दों में कहा कि समय आने पर वे पवन खेड़ा को उनके बयान का जवाब देंगे और सच्चाई सामने लाकर रहेंगे।
दरअसल, कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने हाल ही में आरोप लगाया था कि मुख्यमंत्री की पत्नी के पास विभिन्न देशों के पासपोर्ट और विदेशों में संपत्तियां हैं। इन आरोपों को मुख्यमंत्री ने सिरे से खारिज करते हुए कहा कि यह जानकारी फर्जी दस्तावेजों और भ्रामक सोशल मीडिया सामग्री के आधार पर फैलाई गई है।
मुख्यमंत्री ने यह भी आरोप लगाया कि इस पूरे विवाद में विदेशी सोशल मीडिया समूहों से आई सामग्री का इस्तेमाल किया गया है, जिससे चुनावी माहौल को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि इस मामले में कानून अपना काम करेगा और जो भी दोषी होगा, उसे जवाब देना पड़ेगा।
इस विवाद ने कानूनी रूप भी ले लिया है। मुख्यमंत्री की पत्नी रिनिकी भुइयां सरमा ने पवन खेड़ा और अन्य के खिलाफ गुवाहाटी में एफआईआर दर्ज कराई है, जिसके बाद असम पुलिस ने जांच शुरू कर दी है और मामले की कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ रही है।
चुनावी माहौल पर टिप्पणी करते हुए मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि आगामी विधानसभा चुनाव में भाजपा को भारी बहुमत मिलेगा। उन्होंने कहा कि असम में भाजपा 90 से अधिक सीटें जीतने में सफल होगी, हालांकि अंतिम परिणाम आने के बाद ही वह विस्तृत प्रतिक्रिया देंगे।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि चुनाव से पहले उभरा यह विवाद असम की राजनीति में नया मोड़ ला सकता है और आने वाले दिनों में भाजपा-कांग्रेस के बीच बयानबाजी और तेज होने की संभावना है।



