टाटा सेमीकंडक्टर में तेल चोरी कांड, अरिहंत जैन और साहिल जैन को भेजा गया रिमांड के बाद जेल, कई कंपनियां और तेल विक्रेता जांच के रडार पर
इस बड़े घोटाले का खुलासा होने के बाद स्थानीय लोगों ने पुलिस प्रशासन की तत्परता की सराहना की है। वहीं, मुख्यमंत्री डॉ. हेमंत विश्व शर्मा द्वारा अपराध नियंत्रण के लिए पुलिस को सक्रिय बनाए रखने की नीति की भी प्रशंसा की गई।

ब्यूरो रिपोर्ट
गुवाहाटी, 23 अगस्त 2025/असम.समाचार
टाटा सेमीकंडक्टर परियोजना से जुड़े करोड़ों रुपये के डीज़ल चोरी घोटाले का पर्दाफाश हुआ है। पुलिस ने इस मामले में गुवाहाटी के दो सगे भाई अरिहंत जैन और साहिल जैन को बुधवार को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें दो दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा गया था। रिमांड खत्म होने के बाद गुरुवार को दोनों को जेल भेज दिया गया।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, दोनों आरोपी परियोजना स्थल पर डीज़ल सप्लाई का कार्य देख रहे थे और लंबे समय से वित्तीय हेराफेरी कर कंपनी को नुकसान पहुँचा रहे थे। प्रारंभिक अनुमान के मुताबिक, इस घोटाले से कंपनी को लगभग एक करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।
इस मामले का मास्टरमाइंड दक्षिण भारत निवासी कर्मचारी के. मूरथी को बताया जा रहा है, जो वर्तमान में फरार है। इसके अलावा एक अन्य व्यक्ति वीरेंद्र की संलिप्तता की भी जांच की जा रही है।
शिकायत के आधार पर मामला दर्ज
इस प्रकरण की शिकायत टाटा की सहायक कंपनी केलर द्वारा की गई थी। जागीरोड थाने में केस नंबर 193/25 दर्ज कर पुलिस ने कार्रवाई शुरू की।
पुलिस ने बनाई विशेष टीम
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपियों से पूछताछ के दौरान तेल चोरी नेटवर्क से जुड़े कई अहम सुराग मिले हैं। फरार आरोपी को पकड़ने के लिए विशेष टीम गठित की गई है। पुलिस सूत्रों द्वारा मिली जानकारी के अनुसार अगले दिनों में नगांव और कामरूप जिलों में कई लोगों से पूछताछ की जा सकती है। सूत्रों द्वारा मिली जानकारी के अनुसार भूटान पुलिस को भनक लगी है कि संभवत तेल असम से नहीं आकर भूटान से भी लाया गया होगा।
स्थानीय लोगों ने की पुलिस की सराहना
इस बड़े घोटाले का खुलासा होने के बाद स्थानीय लोगों ने पुलिस प्रशासन की तत्परता की सराहना की है। वहीं, मुख्यमंत्री डॉ. हेमंत विश्व शर्मा द्वारा अपराध नियंत्रण के लिए पुलिस को सक्रिय बनाए रखने की नीति की भी प्रशंसा की गई।
जारी….