असमगुवाहाटी

पूर्वोत्तर प्रदेशीय मारवाड़ी सम्मेलन द्वारा “रोई रोई बिनाले” का विशेष प्रदर्शन

ओपी शर्मा

गुवाहाटी, 9 नवम्बर 2025/असम.समाचार

पूर्वोत्तर प्रदेशीय मारवाड़ी सम्मेलन (पूप्रामास) के सौजन्य से तथा असमिया सिनेमा जगत में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले वरिष्ठ समाजसेवी श्री शंकरलाल गोयनका के आतिथ्य में सुप्रसिद्ध कलाकार स्व. जुबिन गर्ग की अंतिम फिल्म “रोई रोई बिनाले” का एक विशेष एवं भावपूर्ण प्रदर्शन केल्विन गोल्ड थियेटर, श्रद्धांजलि कॉम्प्लेक्स, फैंसी बाजार में आयोजित किया गया।

कार्यक्रम की शुरुआत

कार्यक्रम का शुभारंभ स्व. जुबिन गर्ग की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलन और पुष्पांजलि अर्पण के साथ हुआ। इस अवसर पर वरिष्ठ समाजसेवियों, साहित्यकारों, कलाकारों, पत्रकारों तथा पूर्वोत्तर प्रदेशीय मारवाड़ी सम्मेलन के पदाधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति रही।

उपस्थित प्रमुख हस्तियों में—

शंकरलाल गोयनका, वरिष्ठ अभिनेता  हिराम्ब चौधरी,  जयप्रकाश गोयनका, नगर पार्षद  प्रमोद स्वामी, पश्चिम गुवाहाटी बिहु सम्मेलनी के अध्यक्ष  करेन्द्र नाथ कलिता, वरिष्ठ पत्रकार एवं लेखक  दीपक शर्मा, असम साहित्य सभा के पूर्व कोषाध्यक्ष  किशोर कुमार जैन, पूप्रामास के अध्यक्ष  कैलाश काबरा, महामंत्री  रमेश कुमार चांडक, संगठन मंत्री  मनोज जैन (काला), जनसंपर्क अधिकारी  विवेक सांगानेरिया सहित अनेक शाखाओं के पदाधिकारी सम्मिलित थे।

वक्ताओं ने व्यक्त किए भाव

कैलाश काबरा ने कहा “जुबिन गर्ग की कलात्मक आत्मा अत्यंत आदरणीय थी। उन्होंने सिखाया कि इंसान की कोई जाति नहीं होती। हमें अहंकार नहीं रखना चाहिए और जरूरतमंदों की सहायता को प्राथमिकता देनी चाहिए।”

 

शंकरलाल गोयनका ने भावुक होकर कहा “हमने एक सच्चे, निष्ठावान और आदर्शवादी कलाकार को खो दिया। वे वास्तव में भगवान के समान थे।”

 

वरिष्ठ अभिनेता हिराम्ब चौधरी ने कहा “फिल्म जगत से मेरा 30 वर्षों से भी अधिक जुड़ाव रहा है, और ‘रोई रोई बिनाले’ सचमुच एक अद्वितीय कृति है।”

 

किशोर कुमार जैन ने कहा “जुबिन गर्ग की कविताओं और गीतों में अद्भुत मधुरता थी, जो मन को गहराई तक स्पर्श करती है।”

 

पत्रकार-लेखक दीपक शर्मा ने कहा “आज की पीढ़ी को जुबिन गर्ग से संवेदनशीलता, सरलता और समाज के प्रति उत्तरदायित्व सीखना चाहिए।”

दर्शकों की भावनाएँ

दर्शकों ने कहा “इस फिल्म को देखकर ऐसा लगा मानो जुबिन दा आज भी हमारे बीच जीवित हैं।”

 

फिल्म का निर्देशन, गीत-संगीत, संवाद और अभिनय दर्शकों को आरंभ से अंत तक बांधे रखता है। उत्कृष्ट सिनेमेटोग्राफी और अंग्रेज़ी सबटाइटल्स ने इसे व्यापक दर्शक वर्ग के लिए और भी सहज बनाया।

थियेटर से बाहर निकलते हुए दर्शकों ने एक स्वर में कहा “यह फिल्म हर समाज बंधु द्वारा अवश्य देखी जानी चाहिए यही जुबिन दा के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है।”

 

यह प्रेस विज्ञप्ति जन-साधारण की जानकारी हेतु
प्रांतीय महामंत्री रमेश कुमार चांडक द्वारा जारी की गई।

 

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