असमधर्म और आस्था

श्री राधाकृष्ण ठाकुरबाड़ी में झूलन महोत्सव का भव्य शुभारंभ

झूलन महोत्सव की यह श्रृंखला न केवल धार्मिक आस्था का अद्वितीय प्रतीक है, बल्कि संस्कृति और सामुदायिक एकता की अनुपम मिसाल भी है, जो पूरे क्षेत्र को भक्ति, उल्लास और आपसी सौहार्द से आलोकित कर रही है।

विकास शर्मा

बरपेटा रोड, 8 अगस्त 2025/असम.समाचार

भगवान श्री राधाकृष्ण की असीम कृपा, भक्तों की गहन आस्था और मारवाड़ी समाज के सहयोग से बरपेटा रोड स्थित श्री राधाकृष्ण ठाकुरबाड़ी समिति द्वारा इस वर्ष भी पाँच दिवसीय झूलन महोत्सव का भव्य आगाज़ हुआ। उद्घाटन समारोह का शुभारंभ असम के कैबिनेट मंत्री रंजीत कुमार दास ने फीता काटकर किया।

उद्घाटन से पूर्व समिति के अध्यक्ष राधाकिशन चौधरी ने श्री राधाकृष्ण की विधिवत पूजा-अर्चना कर महोत्सव का मंगलारंभ किया। समारोह के संयोजक प्रमोद कुमार अग्रवाल ने मंत्री महोदय का पारंपरिक फुलाम गामोछा पहनाकर सम्मान किया।

सभा को संबोधित करते हुए समिति के सचिव भैंरू कुमार शर्मा ने कहा, “रंजीत दास का मारवाड़ी समाज से आत्मीय रिश्ता पुराना है। वे सदैव हमारे धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों में सहयोगी रहे हैं। व्यस्तता के बावजूद उनकी उपस्थिति हमारे लिए सौभाग्य की बात है।”

अपने प्रेरक संबोधन में रंजीत कुमार दास ने झूलन महोत्सव की महत्ता को रेखांकित करते हुए कहा, “यह पर्व बचपन से ही मेरे जीवन का हिस्सा रहा है। भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं के माध्यम से भक्ति का जागरण होता है, जो मनुष्य के मन और आत्मा को शुद्ध करता है।” उन्होंने विशेष रूप से युवाओं की सक्रिय भागीदारी की सराहना करते हुए इसे संस्कृति की आधारशिला बताया।

समिति के सलाहकार शिव रतन राठी ने नई पीढ़ी में चारित्रिक निर्माण की आवश्यकता पर बल देते हुए सभी वर्गों के श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त किया। मंच पर समिति के उपाध्यक्ष सुशील कुमार मोर, वरिष्ठ लेखक हरिकिशन महेश्वरी, तेरापंथ सभा अध्यक्ष सुभाउ कुमार डागा तथा दिगंबर जैन समाज अध्यक्ष अशोक चूड़ीवाल की गरिमामयी उपस्थिति ने समारोह को विशेष आयाम प्रदान किया।

पाँच दिवसीय इस महोत्सव में कानपुर से आमंत्रित कलाकारों एवं स्थानीय मारवाड़ी समाज के बच्चों द्वारा भव्य धार्मिक झांकियों का मंचन किया जाएगा। इनमें शिव तांडव, सती के देह त्याग के बाद शिव का विकराल रूप, मां काली का तांडव नृत्य सहित अनेक आकर्षक प्रस्तुतियाँ होंगी, जो भक्तों को अलौकिक भक्ति-रस में डुबो देंगी।

इस आयोजन को सफल बनाने में वासुदेव महेश्वरी, सह सचिव संजय घिड़िया, बालकृष्ण शर्मा, राहुल अग्रवाल, विनित हरलालका, कमल खेमका, मुरलीधर अग्रवाल, बिमल बुड़ाकीया, रवि प्रकाश अग्रवाल, कमल सराफ तथा धार्मिक महिला समिति की सदस्याओं का विशेष योगदान रहा।

झूलन महोत्सव की यह श्रृंखला न केवल धार्मिक आस्था का अद्वितीय प्रतीक है, बल्कि संस्कृति और सामुदायिक एकता की अनुपम मिसाल भी है, जो पूरे क्षेत्र को भक्ति, उल्लास और आपसी सौहार्द से आलोकित कर रही है।

 

 

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