ATM से अब निकलेंगे 10, 20 और 50 रुपये के नोट छोटी करेंसी की किल्लत दूर करने को नए ATM लगाने की तैयारी
राष्ट्रीय डेस्क

नई दिल्ली 28 जनवरी 2026/असम समाचार
छुट्टे पैसों की समस्या से जूझ रहे आम लोगों के लिए राहत भरी खबर है। केंद्र सरकार अब 10, 20 और 50 रुपये के नोटों की उपलब्धता बढ़ाने की दिशा में कदम उठा रही है। इसके तहत ऐसे नए एटीएम लगाने की योजना पर विचार किया जा रहा है, जिनसे छोटी करेंसी के नोट भी निकाले जा सकेंगे।
सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि रोजमर्रा के लेन-देन के लिए नकद पर निर्भर लोगों—जैसे दिहाड़ी मजदूर, स्ट्रीट वेंडर, छोटे दुकानदार और यात्री—को छोटी रकम के नोट आसानी से मिल सकें।
मुंबई में पायलट प्रोजेक्ट के तहत परीक्षण
छोटी करेंसी उपलब्ध कराने की इस योजना को फिलहाल पायलट प्रोजेक्ट के रूप में मुंबई में टेस्ट किया जा रहा है। इस प्रोजेक्ट के तहत ऐसे एटीएम मशीनों का परीक्षण हो रहा है, जिनसे ₹100 और ₹500 के नोटों के साथ-साथ ₹10, ₹20 और ₹50 के नोट भी निकाले जा सकेंगे।
हालांकि देश में डिजिटल भुगतान तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन आज भी बड़ी आबादी दैनिक जरूरतों के लिए नकद लेन-देन पर निर्भर है। खासकर सेमी-अर्बन और ग्रामीण इलाकों में स्मार्टफोन और स्थिर इंटरनेट की कमी के कारण डिजिटल पेमेंट हर जगह व्यवहारिक नहीं है।
छुट्टे नोटों की कमी से होती है परेशानी
10 और 20 रुपये जैसे छोटे नोटों की कमी केवल असुविधा नहीं, बल्कि कई बार व्यापार और रोजाना की कमाई पर भी असर डालती है। इससे लेन-देन में देरी, बिक्री में कमी और यात्रियों को अतिरिक्त परेशानी का सामना करना पड़ता है।
इन जगहों पर लगाए जाएंगे नए ATM
रिपोर्ट के मुताबिक, नई एटीएम मशीनें उन इलाकों में लगाई जाएंगी जहां नकद लेन-देन ज्यादा होता है। इनमें लोकल बाजार, रेलवे स्टेशन, बस डिपो, अस्पताल और सरकारी दफ्तर शामिल हैं। इन स्थानों पर कैश ट्रांजैक्शन अधिक होने के कारण यहां इस सिस्टम को लागू करना ज्यादा प्रभावी माना जा रहा है।
हाइब्रिड ATM पर भी विचार
सूत्रों के अनुसार, सरकार हाइब्रिड एटीएम पर भी विचार कर रही है, जो बड़े नोटों को छोटे नोटों में बदल सकेंगे। एक बार पायलट प्रोजेक्ट को मंजूरी मिलने के बाद इस व्यवस्था को देशभर में लागू किया जाएगा।
सरकार की यह पहल आम जनता के लिए छोटी करेंसी की समस्या को काफी हद तक दूर कर सकती है और रोजमर्रा के नकद लेन-देन को आसान बना सकती है।



