जालुकबाड़ी से हिमंत का शक्ति प्रदर्शन
राजनीतिक विश्लेषकों की मानें तो यह नामांकन सिर्फ चुनावी प्रक्रिया नहीं, बल्कि विपक्ष के लिए एक स्पष्ट संकेत है कि मुख्यमंत्री अपने गढ़ में पूरी ताकत के साथ उतर चुके हैं। अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि जालुकबाड़ी का यह “शक्ति प्रदर्शन” चुनावी नतीजों में किस हद तक तब्दील होता है।

विकास शर्मा,
गुवाहाटी, 20 मार्च 2026/असम.समाचार
(फ़ाइल.फ़ोटो)
असम की सियासत का सबसे चर्चित चेहरा एक बार फिर चुनावी अखाड़े में उतर गया। मुख्यमंत्री डॉ हेमंत विश्व शर्मा ने शुक्रवार को जालुकबाड़ी विधानसभा क्षेत्र से भाजपा प्रत्याशी के रूप में नामांकन दाखिल किया,लेकिन यह सिर्फ एक औपचारिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि शक्ति, रणनीति और संदेश का बड़ा प्रदर्शन था।
नामांकन से पहले शहर का माहौल किसी राजनीतिक उत्सव से कम नहीं था। ढोल-नगाड़ों, पारंपरिक गमछों और पार्टी के झंडों से सजी सड़कों पर हजारों समर्थक उमड़ पड़े। रोड शो के दौरान “हिमंत फिर एक बार” के नारों से जालुकबाड़ी गूंज उठा।
समर्थकों का यह सैलाब सिर्फ भीड़ नहीं, बल्कि एक सुनियोजित शक्ति प्रदर्शन माना जा रहा है।
भाजपा के लिए जालुकबाड़ी सीट महज एक निर्वाचन क्षेत्र नहीं, बल्कि एक “सुरक्षित किला” है, जहां से श्री शर्मा लगातार अपनी पकड़ मजबूत करते आए हैं। यही वजह है कि नामांकन के दिन को पार्टी ने रणनीतिक रूप से एक बड़े राजनीतिक संदेश में तब्दील कर दिया।
दिलचस्प बात यह रही कि इस पूरे आयोजन में पारंपरिक असमिया संस्कृति की झलक भी दिखी नाच-गान, स्थानीय वाद्य यंत्र और रंग-बिरंगे परिधान, जो इस राजनीतिक कार्यक्रम को एक उत्सव जैसा रूप दे रहे थे।
राजनीतिक विश्लेषकों की मानें तो यह नामांकन सिर्फ चुनावी प्रक्रिया नहीं, बल्कि विपक्ष के लिए एक स्पष्ट संकेत है कि मुख्यमंत्री अपने गढ़ में पूरी ताकत के साथ उतर चुके हैं। अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि जालुकबाड़ी का यह “शक्ति प्रदर्शन” चुनावी नतीजों में किस हद तक तब्दील होता है।



