बुलडोजर एक्शन में योगी से भी आगे निकले हेमंत विश्व शर्मा, “बुलडोज़र दादा” बने असम के मुख्यमंत्री,अगली बार भी हेमंत सरकार

विकास शर्मा
गुवाहाटी, 17 अगस्त 2025/असम.समाचार
असम के मुख्यमंत्री डॉ. हेमंत विश्व शर्मा ने अपने सख़्त प्रशासनिक रवैये और अवैध गतिविधियों पर लगातार बुलडोज़र कार्रवाई से एक नया कीर्तिमान रचा है। जिस तरह उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को जनता ने “बुलडोज़र बाबा” की उपाधि दी थी, अब असम की जनता डॉ. हेमंत विश्व शर्मा को “बुलडोज़र दादा” कहकर पुकारने लगी है।
(असम में “दादा” बड़े भाई को कहा जाता है)
राज्य में माफिया, अवैध कब्ज़ाधारी और आपराधिक गिरोहों के खिलाफ चलाए गए विशेष अभियान में पुलिस और प्रशासन ने बुलडोज़र का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया। असम सरकार ने न केवल नशीली दवाओं के तस्करों और आपराधिक गिरोहों की जड़ें काटने का काम किया, बल्कि अवैध निर्माण और भूमि कब्ज़ों को भी जमींदोज़ कर दिया।
सूत्रों के अनुसार, पिछले दो वर्षों में राज्यभर में हज़ारों बीघा सरकारी एवं वनभूमि को माफियाओं से मुक्त कराया गया है। वहीं, पुलिस कार्रवाई के दौरान कई बड़े नशा तस्कर और अपराधी कानून के शिकंजे में आए। इस दौरान जिन घरों और अड्डों को अपराध का केंद्र माना गया, उन पर बुलडोज़र चलाकर कड़ा संदेश दिया गया।
डॉ. शर्मा ने कई बार अपने सार्वजनिक भाषणों में कहा है की
“असम में कानून के खिलाफ जाने वालों के लिए कोई जगह नहीं है। अपराधियों को या तो जेल मिलेगी या ज़मीन खाली करनी होगी।”
राज्य की जनता इस कड़े रुख़ को सराह रही है। जगह-जगह लोग मुख्यमंत्री को “बुलडोज़र दादा” कहकर संबोधित कर रहे हैं। स्थानीय लोगों का मानना है कि इससे कानून-व्यवस्था पर सकारात्मक असर पड़ा है और अपराधियों में भय का माहौल है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि उत्तर प्रदेश में “बुलडोज़र बाबा” और अब असम में “बुलडोज़र दादा” की छवि भारतीय राजनीति में एक नया अध्याय जोड़ रही है, जहां सख़्त प्रशासनिक रवैया जनता के बीच लोकप्रिय हो रहा है।
अब असम की राजनीति में यह देखने की दिलचस्पी होगी कि “बुलडोज़र दादा” की यह छवि आने वाले चुनावों में कितनी असरदार साबित होती है।
हेमंत सरकार को लेकर लोगों की राय
लोगों का कहना है कि डॉ. हेमंत विश्व शर्मा की सरकार ने जिस तेज़ी और पारदर्शिता के साथ काम किया है, उससे जनता का विश्वास और भी गहरा हुआ है। उनकी नीतियों और विकासपरक योजनाओं ने असम की छवि को एक नए मुकाम पर पहुंचाया है।
सामान्य जनमानस का मानना है कि अगर यही रफ्तार और समर्पण बना रहा तो आने वाले चुनावों में अगली बार भी हेमंत सरकार को ऐतिहासिक बहुमत मिल सकता है।