शिलांग में भव्य श्री श्याम फागोत्सव 2026 संपन्न, बाबा के जयकारों से गूंजा स्टेट सेंट्रल लाइब्रेरी परिसर

सुशील दाधीच,
शिलांग 2 मार्च 2026/असम.समाचार
शहर में इन दिनों फागोत्सव की उमंग चरम पर है। रविवार को अग्रवाल समिति (शिलांग) एवं आमंत्रित श्री श्याम प्रचारक मंडल चैरिटेबल ट्रस्ट (तिनसुकिया) के संयुक्त तत्वावधान में शिलांग के स्टेट सेंट्रल लाइब्रेरी (शिलांग) में “श्री श्याम फागोत्सव रंग रंगीला 2026 – एक शाम बाबा श्याम के नाम” भव्य भजन संध्या का आयोजन श्रद्धा एवं उल्लास के साथ संपन्न हुआ।
कार्यक्रम से पूर्व दोपहर में विशप कॉटन रोड स्थित अमन पंसारी के निवास से महिला एवं पुरुष श्रद्धालुओं तथा तिनसुकिया से पधारी मंडली के सदस्यों द्वारा भव्य निशान ध्वजा यात्रा निकाली गई, जो जयकारों के साथ कार्यक्रम स्थल पहुंची। शाम 6 बजे विधिवत ज्योत प्रज्ज्वलन के साथ भजन संध्या का शुभारंभ हुआ। तिनसुकिया के श्याम भक्तों ने श्री गणेश वंदना से कार्यक्रम की शुरुआत की।
कार्यक्रम स्थल पर पहुंचते ही श्रद्धालुओं को खाटू नगरी का आभास हुआ। श्री श्याम दरबार को रंग-बिरंगे फूलों, इत्र की सुगंध तथा लाल-पीली रोशनी से भव्य रूप से सजाया गया था। श्रद्धालु कतारबद्ध होकर बाबा की ज्योत ले रहे थे और पूरा सभागार “जय श्री श्याम” के जयकारों से गूंज उठा।
अग्रवाल समिति के कार्यकर्ताओं ने आगंतुकों के लिए सुव्यवस्थित बैठक एवं अन्य व्यवस्थाएं सुनिश्चित कीं। समिति के सभी पदाधिकारी कार्यक्रम में उपस्थित रहे। तिनसुकिया मंडली ने एक ही सुर-ताल में मनमोहक एवं मधुर भजनों की ऐसी प्रस्तुति दी कि श्रद्धालु भावविभोर हो उठे।
कड़कड़ाती ठंड और बर्फीली हवाओं के बावजूद सैकड़ों श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। आयोजन स्थल खचाखच भर गया और भजनों की सुर-ताल पर श्रद्धालु झूमते नजर आए। बाबा के सिंगार को देखकर लोगों ने कहा कि ऐसा भव्य आयोजन इस वर्ष पहली बार देखने को मिला है। शिलांग मारवाड़ी समाज के अनेक गणमान्य सदस्य भी उपस्थित रहे और साज-बाज की धुन पर अतिथियों का भव्य स्वागत किया गया।
विशेष आकर्षण के रूप में उदयपुर (राजस्थान) से पधारी भजन सम्राट केमिता राठौड़ ने मंच संभाला। राजस्थानी वेशभूषा एवं मधुर कोकिला कंठ से प्रस्तुत भजनों ने माहौल को खाटूमय बना दिया। चंग धमाल की धुन पर उपस्थित श्रद्धालु राजस्थान की संस्कृति में डूबते नजर आए।
कार्यक्रम में समाज के वरिष्ठजन—बिमल बजाज, पुरुषोत्तम चौखानी, सत्यनारायण बेरीवाल, कैलाश गोयनका, प्रदीप जसरासरिया, कुंज बिहारी अजमेरा, मुलजी शर्मा, संतोष चाचान सहित अनेक वरिष्ठ महिलाएं भी उपस्थित रहीं। देर रात तक भजनों की गूंज बनी रही।
फागोत्सव के दौरान चाय-पानी एवं नाश्ते की सतत व्यवस्था रही। कार्यक्रम समापन पर प्रसाद भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें सभी श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। अंत में अग्रवाल समिति, शिलांग द्वारा सभी आगंतुकों एवं श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त किया ।



