बटद्रवा, नगांव में श्रीमंत शंकरदेव अविर्भाव क्षेत्र का भव्य उद्घाटन, अमित शाह बोले– यह असमिया जीवन और सद्भाव का प्रतीक

विकास शर्मा
बटद्रवा (नगांव) 29 दिसंबर
असम सरकार द्वारा बटद्रवा, नगांव में श्रीमंत शंकरदेव अविर्भाव क्षेत्र का भव्य उद्घाटन किया गया। इस पावन अवसर पर केंद्रीय गृह मंत्री एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। कार्यक्रम की अध्यक्षता असम के मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्वा सरमा ने की।
उद्घाटन समारोह में केंद्रीय मंत्री, राज्य मंत्री, जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ अधिकारी, संत-महात्मा और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
अपने संबोधन में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि “आज वैष्णव धर्म के लिए बहुत बड़ा दिन है। वर्षों से यह स्थान घुसपैठियों की चपेट में था, लेकिन आज यहां श्रीमंत शंकरदेव का भव्य तीर्थ स्थल स्थापित हुआ है।” उन्होंने कहा कि नगांव की इस पवित्र भूमि पर आना सौभाग्य की बात है।
अमित शाह ने कहा कि इस परियोजना पर करीब 250 करोड़ रुपये की लागत आई है, जिसका कार्य तीन चरणों में लगभग 150 बीघा भूमि पर पूरा किया गया है। उन्होंने कहा कि 26 दिसंबर 2020 को भूमि पूजन उनके हाथों हुआ था और आज इसका लोकार्पण भी उनके हाथों होना उनके लिए सौभाग्य का विषय है।
उन्होंने श्रीमंत शंकरदेव के योगदान को याद करते हुए कहा कि यह स्थान असमिया जीवन, सद्भाव और सामूहिक भक्ति का प्रतीक है। महापुरुष शंकरदेव ने मानवता और मातृभूमि, दोनों का संदेश दिया। जो लोग भारत को तोड़ना चाहते हैं, उन्हें शंकरदेव ने 500 वर्ष पहले भारत को जोड़ने का संदेश दिया था।
अमित शाह ने कहा कि शंकरदेव के जन्म स्थान पर बांग्लादेशी घुसपैठियों का कब्जा होना उचित नहीं था। “हमने इस पवित्र स्थान से घुसपैठियों को हटाकर यहां तीर्थ स्थल की स्थापना की है।” उन्होंने दावा किया कि असम में अब तक 1.29 लाख बीघा से अधिक भूमि घुसपैठियों से मुक्त कराई गई है। उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस ने वर्षों तक घुसपैठियों को बढ़ावा दिया और आईएमडीटी एक्ट के माध्यम से उन्हें संरक्षण दिया।
गृह मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल में असम की संस्कृति को पुनः सशक्त किया गया है। पिछले दस वर्षों को उन्होंने असम के विकास का स्वर्णकाल बताया। उन्होंने कहा कि मोदी जी असम में 80 से अधिक बार और पूर्वोत्तर में 36 बार आए हैं।
उन्होंने बोडो, उल्फा और कार्बी समझौतों का उल्लेख करते हुए कहा कि पहले जहां बम धमाकों की आवाजें गूंजती थीं, आज वहां नाम-स्मरण से वातावरण पवित्र हो रहा है। उन्होंने कहा कि 92 प्रतिशत समझौते पूरे हो चुके हैं और भाजपा सरकार को दोबारा अवसर मिलने पर 100 प्रतिशत समझौते पूरे किए जाएंगे।
अमित शाह ने कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार ने लचित बोरफुकान के जीवन चरित्र का भाषांतर कराया और असमिया गमछा को जीआई टैग दिलाया। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस सरकार की तुलना में मोदी सरकार ने असम के विकास के लिए 15 लाख करोड़ रुपये प्रदान किए हैं। रेलवे, हवाई और जलमार्ग के माध्यम से असम को देश के अन्य हिस्सों से मजबूती से जोड़ा गया है।
उन्होंने कहा कि “असम अब आंदोलन की भूमि नहीं, बल्कि विकास की भूमि बन चुका है और पूरा पूर्वोत्तर देश के विकास का ग्रोथ इंजन बनेगा।” साथ ही उन्होंने आश्वासन दिया कि अगले पांच वर्षों में असम को पूरी तरह घुसपैठिया-मुक्त बनाया जाएगा।
मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्वा सरमा ने अपने संबोधन में कहा कि यह महापुरुष शंकरदेव का असम है।
उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने अपने कार्यकाल में करीब डेढ़ लाख बीघा भूमि घुसपैठियों से मुक्त कराई है। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि यह पवित्र स्थल असमिया संस्कृति को सिर्फ दिनों के लिए नहीं, बल्कि वर्षों तक एकजुट रखेगा।
इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री सर्वानंद सोनोवाल, केंद्रीय राज्य मंत्री पवित्र मार्गेरिटा, नगांव-बटद्रवा के विधायक रूपक शर्मा, जिले के अन्य विधायक, भाजपा कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।


