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कोकराझार में नकली डॉक्टर की गिरफ्तारी,फर्जी MBBS डिग्री के सहारे सरकारी नौकरी, अब सलाखों के पीछे!

कनक चंद्र बोड़ो

कोकराझार, 8 सितम्बर 2025/असम.समाचार

एक बड़ा फर्जीवाड़ा पकड़ा गया है! कोकराझार जिले में एक शख्स, जो खुद को MBBS डॉक्टर बताकर सरकारी स्वास्थ्य सेवा में कार्यरत था, पुलिस ने धर दबोचा। आरोपी अनिचुर रहमान, जो बोंगाईगांव जिले के अभयापुरी उपखंड के भटियापारा गांव का रहने वाला है, ने 1 सितम्बर को राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के नेशनल मोबाइल मेडिकल यूनिट में फर्जी प्रमाणपत्र के दम पर नौकरी जॉइन की थी।

शिकायत से सलाखों तक का सफर

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (क्राइम) अज़ीज़ा गुलनूर ने मीडिया को बताया,

“6 सितम्बर को औपचारिक शिकायत मिलने के बाद आरोपी पर नजर रखी गई। टिटागुड़ी में राष्ट्रीय मोबाइल यूनिट के स्वास्थ्य शिविर के दौरान, वह ड्यूटी डॉक्टर के रूप में मौजूद था। मौके पर ही पुलिस ने उसे पूछताछ के लिए कोकराझार सदर थाने ले जाकर उसके कागजातों की जांच की, जहां फर्जी MBBS डिग्री की सच्चाई सामने आई।”

घर-घर इलाज का सपना, हकीकत में होम्योपैथ!

पुलिस पूछताछ में रहमान ने कबूल किया कि वह दरअसल एक होम्योपैथिक प्रैक्टिशनर है। उसने चालाकी से अपनी होम्योपैथी की डिग्री को MBBS प्रमाणपत्र में बदल दिया और सरकारी नौकरी हथिया ली।

कानून का शिकंजा कस गया

कोकराझार सदर थाने में केस नंबर 216/25 के तहत भारतीय न्याय संहिता की कई धाराओं – 319(2), 316(2), 336(2), 125 और 271 – में मामला दर्ज किया गया है। फिलहाल आरोपी जेल की हवा खा रहा है और पुलिस की जांच जारी है।

सवाल उठता है सिस्टम कब सीखेगा?

सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था में इस तरह की चूक ने फिर से सवाल खड़े कर दिए हैं क्या डिग्री चेक करने का सिस्टम सिर्फ नाम के लिए है? और कितने मरीज अब तक इस नकली डॉक्टर से ‘इलाज’ करा चुके होंगे?

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