कांग्रेस से कमल तक: गुवाहाटी सेंट्रल सीट ? पर बोरा का संभावित दांव
भाजपा में नई पारी: 22 फरवरी को कमल थामेंगे भूपेन बोरा, ‘सेफ सीट’ की चर्चा तेज

विकास शर्मा
गुवाहाटी 17 फ़रवरी 2026/असम.समाचार
भूपेन बोरा की सियासी यात्रा एक नए मोड़ पर पहुंच गई है। असम कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष रहे बोरा अब 22 फरवरी को औपचारिक रूप से भाजपा में शामिल होंगे। यह घोषणा खुद मुख्यमंत्री हेमंत विश्व शर्मा ने मंगलवार शाम की, जब वे गुवाहाटी के घोरामारा स्थित बोरा के आवास पर उनसे मुलाकात करने पहुंचे।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि बोरा का भाजपा में आना पार्टी को मजबूती देगा। उन्होंने बताया कि 22 फरवरी को बोरा, असम भाजपा अध्यक्ष दिलीप सैकिया की उपस्थिति में पार्टी की सदस्यता ग्रहण करेंगे।
‘आरती’ से स्वागत, बदली सियासत की दिशा
घोरामारा स्थित आवास पर जब मुख्यमंत्री पहुंचे, तो बोरा की पत्नी और पुत्र ने पारंपरिक ‘आरती’ से उनका स्वागत किया। यह दृश्य सियासत के गलियारों में खासा चर्चा का विषय बना रहा। कांग्रेस के भीतर जहां उनके इस्तीफे को लेकर मान-मनौव्वल का दौर चला, वहीं भाजपा ने खुले दिल से उनका स्वागत करने का संकेत पहले ही दे दिया था।
गौरतलब है कि बोरा ने सोमवार को कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया था। हालांकि पार्टी आलाकमान ने तत्काल इसे स्वीकार नहीं किया और उन्हें मनाने की कोशिश भी की गई। लेकिन बदलते राजनीतिक समीकरणों के बीच अब उनका भाजपा में जाना लगभग तय माना जा रहा है।
‘सेफ सीट’ पर सस्पेंस
राजनीतिक सूत्रों के अनुसार, बोरा को आगामी विधानसभा चुनाव में “सेफ सीट” से उतारने की तैयारी चल रही है। संभावित तौर पर गुवाहाटी सेंट्रल या अन्य विधानसभा सीट से उन्हें उम्मीदवार बनाया जा सकता है। मुख्यमंत्री ने भी संकेत दिया है कि वे बोरा को सुरक्षित सीट से चुनाव लड़ाने में मदद करेंगे।
कांग्रेस के लिए झटका, भाजपा के लिए रणनीतिक बढ़त
बोरा का भाजपा में शामिल होना कांग्रेस के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है, खासकर ऐसे समय में जब पार्टी संगठन को मजबूत करने की कोशिश कर रही है। वहीं भाजपा के लिए यह कदम आगामी चुनावी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है, जिसमें विपक्ष के प्रभावशाली चेहरों को साथ जोड़ने की नीति पर काम हो रहा है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि असम की सियासत में यह कदम आने वाले दिनों में नए समीकरण गढ़ सकता है। अब सबकी निगाहें 22 फरवरी पर टिकी हैं, जब भूपेन बोरा औपचारिक रूप से कमल का दामन थामेंगे।



