असम की राजनीति में फटा ‘बोरा बम’! चुनाव से पहले कांग्रेस को बड़ा झटका ?
‘मनाने की मुहिम’! बोरा के घर जुटे कांग्रेसी दिग्गज, क्या थमेगा सियासी भूचाल

विकास शर्मा
गुवाहाटी 16 फ़रवरी 2026/असम.समाचार
भूपेन कुमार बोरा के इस्तीफे ने असम की सियासत में अचानक हलचल मचा दी है। पूर्व असम कांग्रेस अध्यक्ष ने अपना त्यागपत्र सीधे कांग्रेस नेता राहुल गांधी और एआईसीसी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को भेजा है।
राजनीतिक गलियारों में इस कदम को ‘साइलेंट स्ट्राइक’ कहा जा रहा है ऐसा वार, जिसकी गूंज आने वाले विधानसभा चुनाव तक सुनाई दे सकती है।
चुनावी मौसम और बड़ा संकेत
असम में अगले विधानसभा चुनाव नजदीक हैं। ऐसे समय में भूपेन बोरा का इस्तीफा सिर्फ एक व्यक्तिगत फैसला नहीं, बल्कि राजनीतिक समीकरणों में बदलाव का संकेत माना जा रहा है। पार्टी के भीतर असंतोष की चर्चाएं पहले से थीं, लेकिन इस्तीफे ने इन अटकलों को और हवा दे दी है।
क्या कमल की ओर बढ़ रहे हैं कदम ?
सूत्रों की मानें तो बोरा जल्द ही भाजपा का दामन थाम सकते हैं। अगर ऐसा होता है तो यह कांग्रेस के लिए दोहरा झटका होगा,एक मजबूत चेहरे का जाना और विरोधी खेमे का मजबूत होना। हालांकि, अभी तक इस पर आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
सियासी पटकथा में नया ट्विस्ट
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि बोरा का यह कदम असम की राजनीति में नई पटकथा लिख सकता है। क्या यह रणनीतिक चाल है? क्या यह कांग्रेस के अंदरूनी मतभेदों का परिणाम है? या फिर चुनावी गणित का हिस्सा?
फिलहाल, असम की राजनीति में सस्पेंस बरकरार है। आने वाले कुछ दिन तय करेंगे कि यह इस्तीफा सिर्फ एक अध्याय है या पूरी कहानी का टर्निंग पॉइंट।
सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस के दिग्गज नेताओं के मुलाकातों का सिलसिला जारी है। कोई उन्हें “पार्टी की रीढ़” बता रहा है, तो कोई “संघर्ष का चेहरा”। नेताओं की कोशिश है कि विधानसभा चुनाव से पहले किसी भी तरह का बड़ा नुकसान टाला जा सके।



