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असम विशेष पुनरीक्षण–2026: घर-घर सत्यापन चरण पूर्ण, 100 प्रतिशत मतदाताओं का सत्यापन

भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) द्वारा असम में विशेष पुनरीक्षण (एसआर)–2026 के तहत 22 नवंबर से 20 दिसंबर 2025 तक चलाया गया घर-घर (एच2एच) सत्यापन चरण सफलतापूर्वक संपन्न हो गया है। इस व्यापक अभियान का उद्देश्य राज्य में एक समावेशी, त्रुटिरहित और पारदर्शी मतदाता सूची तैयार करना है

विकाश शर्मा/ओपी शर्मा

गुवाहाटी 27 दिसंबर 2025/असम.समाचार

भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) द्वारा असम में विशेष पुनरीक्षण (एसआर)–2026 के तहत 22 नवंबर से 20 दिसंबर 2025 तक चलाया गया घर-घर (एच2एच) सत्यापन चरण सफलतापूर्वक संपन्न हो गया है। इस व्यापक अभियान का उद्देश्य राज्य में एक समावेशी, त्रुटिरहित और पारदर्शी मतदाता सूची तैयार करना है।

20 दिसंबर 2025 तक की स्थिति के अनुसार, राज्य में कुल 2,52,02,775 मतदाता दर्ज हैं, जिनमें से डी-वोटर को छोड़कर 2,51,09,754 मतदाताओं का शत-प्रतिशत सत्यापन किया गया। इस दौरान राज्यभर में 61,03,103 घरों का दौरा किया गया। सत्यापन में 4,78,992 मृत मतदाताओं के नाम हटाने के लिए चिन्हित किए गए, जबकि 5,23,680 मतदाता स्थानांतरित पाए गए। साथ ही 53,619 डुप्लीकेट अथवा समान प्रविष्टियों की पहचान सुधार हेतु की गई।

इस अभियान में अभूतपूर्व प्रशासनिक सहभागिता देखने को मिली। 35 जिला निर्वाचन अधिकारी, 126 निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी, 1,260 सहायक ईआरओ, 29,656 बूथ लेवल अधिकारी और 2,578 बीएलओ पर्यवेक्षक इसमें शामिल रहे। पारदर्शिता बनाए रखने के लिए राजनीतिक दलों के 61,533 बूथ लेवल एजेंटों ने भी सक्रिय भूमिका निभाई।

 

विशेष पुनरीक्षण के अंतर्गत मतदाता सूची के शुद्धिकरण पर विशेष ध्यान दिया गया है। वर्तमान में राज्य में कुल 2,52,01,624 मतदाता हैं, जिनमें 1,25,72,583 पुरुष, 1,26,28,662 महिलाएं तथा 379 अन्य शामिल हैं।

इसके अतिरिक्त, निर्वाचन आयोग की स्वीकृति से मतदान केंद्रों का युक्तिकरण किया गया है, जिसके बाद राज्य में कुल 31,486 मतदान केंद्र निर्धारित किए गए हैं।
राजनीतिक दलों के साथ संवाद को मजबूत करने के लिए अब तक दो दौर की बैठकें (18 नवंबर और 1 दिसंबर) आयोजित की जा चुकी हैं, जबकि तीसरी बैठक 30 दिसंबर 2025 को प्रस्तावित है। इसके अलावा, राज्यभर में 29,230 बीएलओ–बीएलए बैठकें आयोजित की गईं।

 

अब विशेष पुनरीक्षण प्रक्रिया दावे एवं आपत्तियां चरण में प्रवेश करेगी। 27 दिसंबर 2025 को एकीकृत प्रारूप मतदाता सूची प्रकाशित की गयी। 27 दिसंबर 2025 से 22 जनवरी 2026 तक दावे और आपत्तियां दर्ज की जा सकेंगी। इस दौरान 3–4 जनवरी एवं 10–11 जनवरी 2026 को विशेष अभियान चलाए जाएंगे तथा सभी पंचायतों और नगर निकायों में ग्राम/वार्ड सभाएं आयोजित होंगी। अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन 10 फरवरी 2026 को किया जाएगा।

निर्वाचन आयोग ने नागरिकों से अपील की है कि वे पात्रता की शर्तें पूरी करते हुए निर्धारित फॉर्म-6, फॉर्म-7 और फॉर्म-8 के माध्यम से नाम जोड़ने, हटाने या संशोधन की प्रक्रिया में सक्रिय रूप से भाग लें।

साथ ही, ईआरओ के निर्णय के विरुद्ध अपील की स्पष्ट व्यवस्था भी की गई है, जिससे पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके।

चुनाव आयोग ने मतदाताओं की सुविधा के लिए मतदाता सेवाओं को डिजिटल माध्यम से और अधिक सुलभ बना दिया है। मतदाता सूची में नाम देखने, विवरण सत्यापित करने, संशोधन की स्थिति जानने तथा डिजिटल वोटर आईडी (e-EPIC) से संबंधित जानकारी अब ऑनलाइन प्राप्त की जा सकती है।

चुनाव आयोग के अनुसार, मतदाता voters.eci.gov.in वेबसाइट पर जाकर अपने नाम की स्थिति, पता, मतदान केंद्र सहित अन्य आवश्यक जानकारियां आसानी से हासिल कर सकते हैं। आयोग ने नागरिकों से अपील की है कि वे समय रहते अपनी जानकारी की जांच कर लें, ताकि किसी भी प्रकार की त्रुटि को सुधारा जा सके।
अधिक जानकारी के लिए इस वेबसाइट से जानकारी हासिल की जा सकती है।

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