राष्ट्रीय

“ये दोस्ती हम नहीं तोड़ेंगे” डोनाल्ड ट्रंप को सीधा संदेश, एक ही कार में निकले पीएम मोदी और व्लादिमीर पुतिन

एससीओ सम्मेलन के बाद द्विपक्षीय वार्ता के लिए पीएम मोदी और राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन एक ही कार में बैठकर निकले। यह डोनाल्ड ट्रंप को भी सीधा संदेश है कि किसी भी दबाव में आकर भारत रूस से रिश्ते कमजोर नहीं कर सकता।

राष्ट्रीय डेस्क

नई दिल्ली/शंघाई 1 सितंबर 2025/असम.समाचार

शंघाई सहयोग संगठन (SCO) सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जितनी बेबाकी से भारत का पक्ष रखा है, वह भारत की आगे की विदेश नीति के लिए एक नई दिशा तय करने वाला है। वहीं इस सम्मेलन से भारत ने अमेरिका को भी सीधा संदेश दिया है कि किसी भी तरह का दोहरा मानदंड भारत को स्वीकार नहीं है। एससीओ से इतर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच होने वाली बैठक भी ट्रंप टैरिफ की चुनौतियों के बीच बेहद अहम है। सम्मेलन के बाद दोनों नेता एक ही कार से द्विपक्षीय बैठक के लिए रवाना हुए। इसकी तस्वीर भी सामने आई है।

जाहिर सी बात है कि एक ही कार में पीएम मोदी और व्लादिमीर पुतिन की यह तस्वीर संकेत है कि अमेरिका के किसी भी दबाव के चलते भारत रूस के साथ संबंध कमजोर नहीं कर सकता है। डोनाल्ड ट्रंप कई बार कह चुके हैं कि भारत रूस से बड़ी मात्रा में तेल आयात करता है और इससे यूक्रेन के खिलाफ युद्ध में रूस को मदद मिलती है। हालांकि भारत हर बार स्पष्ट करता रहा है कि जनता के हित में जो भी फैसला होगा, वही फैसला लागू किया जाएगा। अगर रूस से सस्ता तेल मिलता है तो यह भारत की जनता के हित में है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हर मंच से साफ संदेश देते हैं कि यु्द्ध किसी भी मायने में सही नहीं है। वह युद्ध को रोकने और शांति स्थापित करने को लेकर कई बार व्लादिमीर पुतिन और यूक्रेनी राष्ट्रपति जेलेंस्की से भी बात कर चुके हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जो भी कहते हैं उसे रूस भी गंभीरता से स्वीकार करता है। वहीं डोनाल्ड ट्रंप केवल नोबल पुरस्कार के लिए शांति के प्रयासों को दिखावा करते नजर आते हैं।

डोनाल्ड ट्रंप शांति की बात करने के साथ ही अपने स्वार्थ्य को ऊपर रखते हैं। यही वजह है कि वह भारत पर खुन्नस निकाल रहे हैं। अलास्का में डोनाल्ड ट्रंप ने राष्ट्रपति पुतिन से मुलाकात की लेकिन युद्धविराम को लेकर कोई समाधान नहीं निकल पाया। इसके बाद डोनाल्ड ट्रंप ने यूक्रेनी राष्ट्रपति को समझाने का प्रयास किया। यहां भी अब तक उनकी दाल नहीं गल पाए ही। इस बीच अगर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राष्ट्रपति पुतिन से शांति को लेकर कोई बात करते हैं और इसका रिस्पॉन्स अच्छा रहता है तो यह डोनाल्ड ट्रंप के लिए एक नई टेंशन की वजह बन सकता है।

फ़ोटो-थर्ड पार्टी

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!