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जुबिन दा को भावपूर्ण श्रद्धांजलि, भजनों से गूँजा समर्पण और संवेदना का स्वर,राजस्थान फाउंडेशन ने दी सुर सम्राट जुबिन गर्ग को श्रद्धांजलि

विकास शर्मा

गुवाहाटी, 22 अक्टूबर 2025/असम.समाचार

असम के अमर लोकगायक जुबिन गर्ग (जुबिन दा) की श्रद्धांजलि स्थल पर आयोजित शोक सभा में वातावरण अत्यंत भावुक और भक्तिमय रहा। श्रद्धा, संगीत और संवेदना के इस अनोखे संगम में उपस्थित हर व्यक्ति की आँखें नम थीं।

 

कार्यक्रम में कुल चार भजन प्रस्तुत किए गए, जिनमें से एक राजस्थानी (मारवाड़ी) भजन ने सबके दिलों को गहराई तक छू लिया। यह क्षण असम और राजस्थान की आत्मीय एकता का सजीव प्रतीक बन गया।

राजस्थान फाउंडेशन की ओर से प्रदीप भरेच और रतन शर्मा सहित अनेक गणमान्य उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में यह संदेश दिया कि “असम और राजस्थान की आत्माएँ एक हैं, और जुबिन दा ने इन दोनों संस्कृतियों को संगीत की डोर से जोड़ा है।”

भजनों की मनमोहक प्रस्तुति देने वाले विनोद शर्मा को राजस्थान फाउंडेशन की ओर से रतन शर्मा ने तहेदिल से धन्यवाद दिया। उनके भजनों ने पूरे वातावरण को भक्ति, शांति और समर्पण की भावना से भर दिया।

इस अवसर पर राजस्थान फाउंडेशन (नॉर्थ ईस्ट एवं असम चैप्टर) के अध्यक्ष रतन शर्मा ने कहा कि “जुबिन दा की यादों को कभी भुलाया नहीं जा सकेगा। वे असम की आत्मा थे, और उनकी मधुर आवाज़ हमेशा दिलों में गूँजती रहेगी।”

पूरे कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि संगीत सीमाएँ नहीं जानता वह दिलों को जोड़ता है, संस्कृतियों को मिलाता है।

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