सरकारी लापरवाही का नमूना: शिवसागर में निर्माणाधीन पुल ध्वस्त
केशव पारीक,संवाददाता, शिवसागर

शिवसागर 24 जनवरी 2026/असम.समाचार
एनएच-37 के फोर लेन विस्तार परियोजना के अंतर्गत शिवसागर जिले के गौरीसागर के समीप ऐतिहासिक नामदांग नदी पर निर्माणाधीन पुल का एक हिस्सा शुक्रवार को बीच से ढह गया। सौभाग्यवश इस हादसे में कोई हताहत नहीं हुआ।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसे से कुछ समय पहले तक पुल पर मजदूर एक पोकलेन एक्सकेवेटर के साथ निर्माण कार्य में लगे हुए थे। मजदूरों और मशीन के वहां से हटने के तुरंत बाद ही पुल का मध्य भाग अचानक ढह गया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।
गौरतलब है कि एनएचआईडीसीएल द्वारा शिवसागर जिले के जांजी से डिमौ तक 44 किलोमीटर सड़क के फोर लेन विस्तार का कार्य पिछले एक दशक से चल रहा है।
लगभग पांच वर्ष पूर्व जीडीसीएल नामक ठेकेदार कंपनी ने इस पुल का निर्माण किया था, जिसका कार्य लगभग पूर्ण होने के कगार पर था।
इस परियोजना का ठेका अब तक कई निर्माण कंपनियों को दिया गया, लेकिन अधिकांश कंपनियां अनियमितताओं के आरोपों के बीच काम अधूरा छोड़कर चली गईं। पुल निर्माण करने वाली जीडीसीएल कंपनी को बाद में ब्लैकलिस्ट भी किया गया।
वर्तमान में परियोजना का कार्य कर रही अक्षया इन्फ्राटेक प्राइवेट लिमिटेड पर भी निर्माण में अनियमितता के आरोप लगते रहे हैं, लेकिन एनएचआईडीसीएल के उच्चाधिकारियों ने अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की।
पुल ढहने की यह घटना सरकारी धन के दुरुपयोग और निर्माण कार्य में भारी लापरवाही का प्रत्यक्ष उदाहरण मानी जा रही है। वर्षों से लंबित इस परियोजना में न तो गुणवत्ता का ध्यान रखा गया और न ही समयबद्धता का।
हादसे के बाद क्षेत्रीय जनता में सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता और विभागीय प्रबंधन के प्रति भारी आक्रोश देखा गया। लोगों का कहना है कि अब समय आ गया है कि एनएचआईडीसीएल और संबंधित निर्माण एजेंसियां जिम्मेदारी तय करें और चार-लेन राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजना को शीघ्र एवं गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा करें।


