मस्जिद के लाउडस्पीकर से दिया गया अलर्ट बना जीवनरक्षक, तालाब में डूबते वाहन से सात लोगों की बचाई जान
स्थानीय लोगों ने धर्मगुरु की इस मानवीय पहल की सराहना करते हुए कहा कि उनकी सूझबूझ और साहस ने इंसानियत की मिसाल पेश की है। प्रशासन मामले की जांच कर रहा है तथा वाहन चालक के नियंत्रण खोने के कारणों का पता लगाया जा रहा है।

करुणा देव
श्रीभूमि,4 दिसंबर 2025/असम.समाचार
असम के श्रीभूमि जिले में एक दिल दहला देने वाली घटना के दौरान अद्भुत सूझबूझ और मानवीयता की मिसाल सामने आई है। जिले के नीलमबाजार क्षेत्र में बारोभरी जामा मस्जिद के पास एक वाहन अचानक चालक का नियंत्रण छूटने से सड़क किनारे स्थित तालाब में जा गिरा। वाहन के भीतर सवार सात लोग डूबने की कगार पर पहुंच चुके थे। इसी बीच मस्जिद के धर्मगुरु ने जो कदम उठाया, वह सात जिंदगियों का सहारा बन गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दुर्घटना होते ही आसपास के लोग घबराहट में चीख-पुकार करने लगे, मगर अंधेरा और शांत इलाके में उनकी आवाज दूर तक नहीं जा पा रही थी। इस नाजुक समय में मस्जिद के धर्मगुरु ने तत्काल मस्जिद के लाउडस्पीकर को चालू कर ग्रामीणों से मदद की अपील प्रसारित की। उन्होंने बार-बार लोगों से तालाब की ओर दौड़ने और वाहन में फंसे यात्रियों को बचाने की गुहार लगाई।
धर्मगुरु के इस त्वरित अलर्ट से पूरा इलाका तुरंत हरकत में आ गया। चंद ही मिनटों में बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जमा हो गए। लोगों ने रस्सियों, बांस और लकड़ी का सहारा लेकर डूबते वाहन के शीशे तोड़े और भीतर फंसे सातों लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। स्थानीय प्रशासन और पुलिस टीम भी सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची और घायलों को उपचार के लिए नजदीकी अस्पताल भेजा।
जिला प्रशासन के एक अधिकारी ने बताया कि यदि मस्जिद के लाउडस्पीकर से समय रहते मदद की अपील नहीं की जाती, तो स्थिति बेहद भयावह हो सकती थी। ग्रामीणों की तत्परता और धर्मगुरु की समझदारी ने सात परिवारों को अकल्पनीय त्रासदी से बचा लिया।
स्थानीय लोगों ने धर्मगुरु की इस मानवीय पहल की सराहना करते हुए कहा कि उनकी सूझबूझ और साहस ने इंसानियत की मिसाल पेश की है। प्रशासन मामले की जांच कर रहा है तथा वाहन चालक के नियंत्रण खोने के कारणों का पता लगाया जा रहा है।
फ़ाइल फ़ोटो/थर्ड पार्टी



