कलँग नदी किनारे अवैध कब्जा और प्रदूषण पर प्रशासन सख्त 30 दिन में हटाएं गंदगी और खाली करें सरकारी जमीन, नहीं तो होगी कार्रवाई: नगांव डीसी का अल्टीमेटम
उपायुक्त ने कहा, “कलँग नदी में गंदा मल व कचरा छोड़ना न सिर्फ पर्यावरण के लिए हानिकारक है, बल्कि यह कानून का उल्लंघन भी है। बिल्डिंग मालिकों को चाहिए कि वे उचित सीवेज प्रबंधन की व्यवस्था करें, ताकि नदी प्रदूषित न हो।”

राज ज्योति दास
नगांव, 29 अगस्त 2025/असम.समाचार
नगांव जिला उपायुक्त देवाशीष शर्मा ने कलँग नदी के किनारों पर व्याप्त अवैध कब्जों और प्रदूषण के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए मंगलवार को औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने पाया कि बड़ी संख्या में लोगों ने सरकारी भूमि पर न केवल कब्जा किया है, बल्कि कुछ ने इस जमीन को मियादी पट्टे में परिवर्तित कर 99 साल की लीज पर ले लिया है। उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि यह गंभीर मामला है और इसकी उच्चस्तरीय जांच करवाई जाएगी।
निरीक्षण के दौरान श्री शर्मा ने मोरीकलँग स्थित पार्क और नदी किनारे बने बहुमंजिला रॉयल आवास का भी दौरा किया। उन्होंने वहां की विसंगतियों पर नाराजगी जताते हुए संबंधित अधिकारियों से विस्तृत रिपोर्ट मांगी।
नदी में सीवेज छोड़ना पूरी तरह गैरकानूनी
उपायुक्त ने कहा, “कलँग नदी में गंदा मल व कचरा छोड़ना न सिर्फ पर्यावरण के लिए हानिकारक है, बल्कि यह कानून का उल्लंघन भी है। बिल्डिंग मालिकों को चाहिए कि वे उचित सीवेज प्रबंधन की व्यवस्था करें, ताकि नदी प्रदूषित न हो।”
उन्होंने गंदगी फैलाने वाले सभी जिम्मेदार लोगों को 30 दिनों का समय देते हुए चेतावनी दी कि तय समयसीमा के भीतर समाधान न होने पर प्रशासन कठोर कदम उठाएगा।
पौर सभा को कड़ा निर्देश
नगांव पौर सभा को आदेश दिया गया है कि वह इस मामले में त्वरित सरकारी कार्रवाई शुरू करे और नदी संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता दे।