सीमा पर सड़कें नहीं, भरोसा भी चाहिए: असम-मेघालय ने बैठकर सुलझाने की राह चुनी
दोनों सरकारों ने सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक रिश्तों को और मजबूत करने तथा शांति, सौहार्द और भाईचारे के माहौल में निर्बाध संपर्क बनाए रखने की प्रतिबद्धता दोहराई।

विकास शर्मा,
शिलांग, 8 सितंबर 2026/असम.समाचार
असम और मेघालय के बीच सड़कों पर दौड़ते वाहनों के पहिए कहीं रुकें नहीं और दोनों राज्यों के लोगों के बीच रिश्तों की रफ्तार भी बनी रहे—इसी मकसद से मंगलवार को शिलांग में दोनों राज्यों के प्रतिनिधि एक टेबल पर बैठे। बैठक में सिर्फ वाहनों की आवाजाही नहीं, बल्कि भरोसे और आपसी समन्वय को भी मजबूत करने पर जोर दिया गया।
मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्व सरमा के निर्देश पर असम के मंत्री अतुल बोरा ने स्टेट कन्वेंशन सेंटर में मेघालय के उपमुख्यमंत्री एस. धर के साथ महत्वपूर्ण बैठक की। बैठक में दोनों राज्यों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ परिवहन संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी हिस्सा लिया। असम से सात और मेघालय से पांच परिवहन संगठनों के प्रतिनिधि बैठक में मौजूद रहे।
बैठक की पृष्ठभूमि में 19 अगस्त को शिलांग में असम पंजीकृत वाहनों से जुड़ी दुर्भाग्यपूर्ण घटनाएं रहीं। दोनों पक्षों ने ऐसे मामलों की पुनरावृत्ति रोकने, यात्रियों और वाहनों की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा किसी भी उभरती स्थिति में समय रहते हस्तक्षेप करने के उपायों पर चर्चा की।
दोनों राज्यों ने साफ संदेश दिया कि सड़क पर चलने वाले वाहन सिर्फ माल या यात्रियों को नहीं ले जाते, वे दो पड़ोसी राज्यों के रिश्तों को भी जोड़ते हैं। इसलिए किसी भी गलतफहमी को संवाद के जरिए दूर करना और लोगों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करना जरूरी है।
बैठक में लगातार संवाद, बेहतर समन्वय और त्वरित कार्रवाई की व्यवस्था मजबूत करने पर सहमति बनी। दोनों पक्षों ने माना कि नागरिकों की सुरक्षा और निर्बाध आवागमन सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
बैठक में असम की ओर से गृह एवं राजनीतिक विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय तेवारी, विशेष अपर पुलिस महानिदेशक (एसबी) हिरेन चंद्र नाथ, आईजीपी (एलएंडओ) अखिलेश कुमार सिंह, परिवहन विभाग के आयुक्त एवं सचिव आकाश दीप, आईजीपी रत्ना सिंह, परिवहन आयुक्त मानवेंद्र प्रताप सिंह समेत कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। मेघालय की ओर से गृह विभाग के प्रधान सचिव एफ.आर. खारकोंगर सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
दोनों राज्यों के बीच यह बातचीत 22 अगस्त को गुवाहाटी में हुई द्विपक्षीय चर्चा की अगली कड़ी रही। बैठक का संदेश भी स्पष्ट था असम और मेघालय के बीच रिश्तों की सड़क पर कोई बैरिकेड नहीं होना चाहिए।
दोनों सरकारों ने सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक रिश्तों को और मजबूत करने तथा शांति, सौहार्द और भाईचारे के माहौल में निर्बाध संपर्क बनाए रखने की प्रतिबद्धता दोहराई।



