कलियाबर में 6,950 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाले काज़ीरंगा एलिवेटेड कॉरिडोर परियोजना का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया भूमि पूजन
उन्होंने आज शुरू की गई परियोजनाओं के लिए असम के लोगों को बधाई दी और विश्वास जताया कि ये प्रयास आने वाली पीढ़ियों के लिए समृद्ध और सुरक्षित भविष्य का मार्ग प्रशस्त करेंगे।

विकास शर्मा
कलियाबर , 18 जनवरी 2026/असम.समाचार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज असम के कलियाबर में 6,950 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली काज़ीरंगा एलिवेटेड कॉरिडोर परियोजना का भूमि पूजन किया। यह महत्वाकांक्षी परियोजना राष्ट्रीय राजमार्ग-715 के कलियाबर–नुमलीगढ़ खंड को चार लेन में विस्तारित करने से संबंधित है। इस अवसर पर आयोजित विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि काज़ीरंगा केवल एक राष्ट्रीय उद्यान नहीं, बल्कि असम की आत्मा और भारत की जैव विविधता का अमूल्य रत्न है, जिसे यूनेस्को ने विश्व धरोहर स्थल के रूप में मान्यता दी है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि जब प्रकृति का संरक्षण किया जाता है, तब उसके साथ-साथ नए अवसर भी पैदा होते हैं। हाल के वर्षों में काज़ीरंगा में पर्यटन में निरंतर वृद्धि हुई है, जिससे होमस्टे, गाइड सेवा, परिवहन, हस्तशिल्प और लघु उद्योगों के माध्यम से स्थानीय युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिले हैं। उन्होंने कहा कि यह धारणा गलत साबित हुई है कि प्रकृति और विकास एक-दूसरे के विरोधी हैं; भारत आज दुनिया को दिखा रहा है कि दोनों एक साथ आगे बढ़ सकते हैं।
सभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने काज़ीरंगा की अपनी पिछली यात्रा को याद किया और कहा कि राष्ट्रीय उद्यान में रात्रि प्रवास और हाथी सफारी का अनुभव उनके जीवन के अविस्मरणीय पलों में से एक है। उन्होंने असम को साहसी, प्रतिभाशाली और संस्कृति से समृद्ध भूमि बताया। उन्होंने गुवाहाटी में आयोजित बागुरुम्बा महोत्सव का भी उल्लेख किया, जहां हजारों कलाकारों ने सामूहिक नृत्य प्रस्तुत कर नया कीर्तिमान स्थापित किया।
प्रधानमंत्री ने कलियाबर के ऐतिहासिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह क्षेत्र काज़ीरंगा का प्रवेश द्वार होने के साथ-साथ ऊपरी असम के लिए एक महत्वपूर्ण संपर्क केंद्र है। उन्होंने महान योद्धा लाचित बरफुकन को स्मरण करते हुए कहा कि कलियाबर असम के गौरव, साहस और आत्मविश्वास का प्रतीक रहा है।
परियोजना के महत्व को रेखांकित करते हुए प्रधानमंत्री ने बताया कि लगभग 90 किलोमीटर लंबी इस परियोजना में 35 किलोमीटर का एलिवेटेड वाइल्डलाइफ कॉरिडोर शामिल है, जिससे बाढ़ के समय वन्यजीवों की निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित होगी। उन्होंने कहा कि इस कॉरिडोर को गैंडे, हाथी और बाघ जैसे वन्यजीवों के पारंपरिक मार्गों को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है। इससे मानव–वन्यजीव संघर्ष में कमी आएगी और ऊपरी असम तथा अरुणाचल प्रदेश के बीच संपर्क और सुदृढ़ होगा।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि उनकी सरकार ने बीते वर्षों में वन्यजीव संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। उन्होंने गर्व के साथ बताया कि 2025 में असम में एक भी गैंडे के अवैध शिकार की घटना नहीं हुई, जो मजबूत राजनीतिक इच्छाशक्ति और स्थानीय लोगों के सहयोग का परिणाम है।
प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि पूर्वोत्तर अब देश के विकास के हाशिये पर नहीं है, बल्कि यह देश के दिल के बेहद करीब है। सड़क, रेल, हवाई और जलमार्गों के विस्तार से असम और पूरे पूर्वोत्तर क्षेत्र में विकास की नई राहें खुली हैं। उन्होंने नई रेल सेवाओं का शुभारंभ करते हुए कहा कि इससे व्यापार, शिक्षा और पर्यटन को नई गति मिलेगी।
कार्यक्रम के अंत में प्रधानमंत्री ने कहा कि जब असम आगे बढ़ेगा, तो पूरा पूर्वोत्तर आगे बढ़ेगा।
उन्होंने आज शुरू की गई परियोजनाओं के लिए असम के लोगों को बधाई दी और विश्वास जताया कि ये प्रयास आने वाली पीढ़ियों के लिए समृद्ध और सुरक्षित भविष्य का मार्ग प्रशस्त करेंगे।
इस अवसर पर असम के राज्यपाल लक्ष्मण प्रसाद आचार्य, मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्वा सरमा, केंद्रीय मंत्री सर्वानंद सोनोवाल, पवित्र मार्गेरिटा सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।



