
ओपी शर्मा
गुवाहाटी, 17 जनवरी 2026/असम.समाचार
असमिया संस्कृति के शिल्पकार रूपकुंवर ज्योति प्रसाद अग्रवाल की 75वीं पुण्यतिथि के अवसर पर आज समग्र असम में शिल्पी दिवस श्रद्धा, स्मरण और सांस्कृतिक चेतना के उत्सव के रूप में मनाया गया। इसी क्रम में मारवाड़ी सम्मेलन, गुवाहाटी महिला शाखा द्वारा अपने कार्यालय परिसर में शिल्पी दिवस का भावपूर्ण आयोजन किया गया।
कार्यक्रम के दौरान महिला शाखा की सदस्यों ने रूपकुंवर ज्योति प्रसाद अग्रवाल के चित्र पर माल्यार्पण किया तथा दीप प्रज्ज्वलित कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। वातावरण में सांस्कृतिक गौरव और आत्मीयता की अनुभूति स्पष्ट रूप से झलक रही थी।
इस अवसर पर शाखा अध्यक्ष श्रीमती संतोष शर्मा ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि शिल्पी दिवस केवल स्मरण का नहीं, बल्कि आत्मचिंतन और प्रेरणा का दिन है। उन्होंने कहा कि ज्योति बाबु केवल एक साहित्यकार या कलाकार नहीं थे, बल्कि असमिया संस्कृति की आत्मा थे। भाषा, साहित्य, संगीत, रंगमंच और सिनेमा के माध्यम से उन्होंने समाज को एक नई चेतना दी और यह सिद्ध किया कि कला मात्र मनोरंजन का साधन नहीं, बल्कि समाज निर्माण की सशक्त शक्ति है।
उन्होंने आगे कहा कि एक मारवाड़ी परिवार में जन्म लेकर भी ज्योति बाबु ने असमिया समाज की संस्कृति, उसकी संवेदनाओं और उसकी अस्मिता को अपने जीवन से जोड़ा।
उनका जीवन इस बात का प्रमाण है कि संस्कृति किसी सीमा में नहीं बंधती, बल्कि समरसता, अपनत्व और सेवा भाव से विकसित होती है।
वर्तमान समय में जब समाज में कहीं-कहीं वैचारिक दूरी दिखाई देती है, ऐसे में ज्योति बाबु का जीवन आपसी भाईचारे, सांस्कृतिक सौहार्द और सामाजिक एकता का प्रेरक संदेश देता है।
श्रीमती शर्मा ने कहा कि मारवाड़ी समाज ने सदैव असम की भूमि को अपनी कर्मभूमि मानते हुए यहां की भाषा, संस्कृति और समाज के साथ मिलकर योगदान दिया है। उन्होंने सभी सदस्यों से आह्वान किया कि ज्योति बाबु के आदर्शों को केवल पुस्तकों और स्मृतियों तक सीमित न रखकर उन्हें अपने आचरण, विचार और सामाजिक दायित्वों में उतारा जाए यही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी सदस्यों ने रूपकुंवर ज्योति प्रसाद अग्रवाल के चित्र पर श्रद्धा सुमन अर्पित किए। सम्मेलन की सचिव श्रीमती मंजू भंसाली ने सभी बहनों के सहयोग और सहभागिता के लिए आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर उपाध्यक्ष ज्योति शर्मा, सलाहकार मंजू पाटनी, कार्यकारी सदस्य सिया शर्मा तथा सदस्य सुमन शर्मा और रिंकी शर्मा की गरिमामयी उपस्थिति उल्लेखनीय रही।



