
निरंजन सरावगी
होजाई, 10 दिसंबर 2025/असम.समाचार
टंगिया गांव में बीते नौ दिनों से शांत पड़ी एक कब्र अचानक सुर्खियों में आ गई, जब तेलंगाना पुलिस की एक टीम देर रात गांव में आ धमकी।
मामला है 23 वर्षीय इशाक हुसैन का, जो हैदराबाद में बाइक दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल होने के बाद रास्ते में दम तोड़ बैठा था। लेकिन असली कहानी यहीं से शुरू होती है।
हैदराबाद के निजी अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने युवक को “बेहतर इलाज” के नाम पर परिजनों के सुपुर्द कर दिया। परिजन असम लौट रहे थे कि रास्ते में युवक की मौत हो गई। इसके बाद परिजनों ने बिना किसी औपचारिक पुलिस सूचना के, सीधे टंगिया गांव में 1 दिसंबर को शव को दफना दिया और यही लापरवाही आगे चलकर बड़ी कानूनी उलझन बन गई।
तेलंगाना पुलिस को किसी “विशेष सूत्र” ने खबर दी कि दुर्घटना से जुड़े केस का मुख्य पहलू यानी मृत्यु बिना पुलिस को बताए ही दफना दिया गया है। बस फिर क्या था, तेलंगाना पुलिस की टीम सीधा होजाई में हाजिर हो गई।
आज सुबह स्थानीय थाना पुलिस और मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में टंगिया गांव में कब्र खोदकर शव को बाहर निकाला गया। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए नगांव के भोगेश्वरी फुकन सिविल अस्पताल भेज दिया गया है। तेलंगाना पुलिस ने साफ कहा है कि रिपोर्ट मिलने के बाद ही वे आगे की कार्रवाई कर वापस लौटेंगे।
उधर, मृतक के पिता का बयान भी कम दिलचस्प नहीं। उनका कहना है“हमें इसके नियम-कायदों की जानकारी नहीं थी, अज्ञानता में गलती हो गई।”
अब मामले की सच्चाई पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के बाद ही सामने आएगी, लेकिन फिलहाल टंगिया गांव में चर्चा का माहौल गर्म है और लोग इस घटना को “कब्र से निकली सच्चाई” बता रहे हैं।



