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वरिष्ठ समाजसेवी सांवरमल खेतावत की पुस्तक ‘जीवन का सार’ का भव्य विमोचन

आयोजन में समाजसेवी सांवरमल खेतावत के पुत्र संजय खेतावत सहित पूरा परिवार भी उपस्थित रहा। संजय खेतावत ने कहा कि उनके पिता द्वारा रचित यह पुस्तक ‘जीवन का सार’ न केवल जीवन मूल्यों को समझने की प्रेरणा देती है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए भी मार्गदर्शक साबित होगी।

डिंपल शर्मा

नगांव 9 दिसंबर 2025/असम.समाचार

शहर के खूटीकटिया स्थित लायंस क्लब ऑफ नगांव ग्रेटर के सभा कक्ष में कल रात आयोजित एक गरिमामय समारोह में वरिष्ठ समाजसेवी सांवरमल खेतावत द्वारा रचित संकलन ‘जीवन का सार’ का विमोचन किया गया। विमोचन नगांव साहित्य सभा के सभापति डॉ. शरत बरकटकी ने किया।

मुख्य अतिथि डॉ. बरकटकी ने पुस्तक का अनावरण करते हुए कहा कि सांवरमल खेतावत द्वारा लिखा गया ‘जीवन का सार’ अत्यंत मूल्यवान और प्रेरणादायी कृति है। उन्होंने कहा कि यह ऐसा संकलन है जिसे किसी भी समय पढ़कर जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का प्रयास किया जा सकता है। उन्नत आयु में भी साहित्य सृजन के प्रति खेतावत का समर्पण अत्यंत सराहनीय और अनुकरणीय है।

सुनिल गोयनका की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम में मंच पर सांवरमल खेतावत, लायंस डीजी ललित कोठारी, पीडीजी विजय मंगलुनिया, पीडीजी बी.एल. अग्रवाला तथा समाजसेवी अनिल शर्मा विराजमान थे। कार्यक्रम का संचालन अनिल शर्मा ने किया। आयोजन में समाज के विभिन्न वर्गों के लोग बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

अपने विचार व्यक्त करते हुए सांवरमल खेतावत ने कहा कि वे समय-समय पर कुछ न कुछ लिखा करते थे और उसी लेखन को संकलित कर इस पुस्तक का रूप दिया गया है। उन्होंने सभी उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों और अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त किया।

इस अवसर पर समाजसेवी सांवरमल खेतावत के पुत्र संजय खेतावत सहित पूरा परिवार भी उपस्थित रहा। संजय खेतावत ने कहा कि उनके पिता द्वारा रचित यह पुस्तक ‘जीवन का सार’ न केवल जीवन मूल्यों को समझने की प्रेरणा देती है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए भी मार्गदर्शक साबित होगी।

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