छह समुदायों को एसटी दर्जा देने की तैयारी पर बोडोलैंड यूनिवर्सिटी में उबाल, छात्र व जनजातीय संगठनों का विरोध,

कनक चन्द्र बोड़ो
कोकराझार, 27 नवम्बर 2025/असम.समाचार
असम मंत्रिमंडल द्वारा छह समुदायों को अनुसूचित जनजाति (एसटी) का दर्जा देने से संबंधित आयोग की रिपोर्ट को मंजूरी देने के बाद बोडोलैंड यूनिवर्सिटी में बुधवार को तनाव व्याप्त हो गया। फैसले के तुरंत बाद ही जनजातीय और छात्र संगठनों ने कड़ा विरोध जताते हुए विश्वविद्यालय परिसर में प्रदर्शन शुरू कर दिया।
बोडोलैंड यूनिवर्सिटी स्टूडेंट्स यूनियन, को-ऑर्डिनेशन कमेटी ट्राइबल ऑर्गनाइजेशन ऑफ असम सहित कई जनजातीय संगठनों के सदस्यों ने विश्वविद्यालय परिसर में धरना प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने मुख्य प्रवेश द्वार को अवरुद्ध कर दिया, जिससे शैक्षणिक एवं प्रशासनिक कार्य पूरी तरह से ठप हो गए।
छात्रों ने आरोप लगाया कि छह नए समुदायों को एसटी सूची में शामिल करने से मौजूदा जनजातीय समाज के अधिकार, पहचान और आरक्षण संरचना पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने कहा कि सरकार का यह कदम जनजातीय समुदायों के हितों के विपरीत है और इससे लंबे समय तक सामाजिक असंतोष बना रहेगा।
विश्वविद्यालय प्रशासन और पुलिस ने स्थिति पर नजर बनाए रखी हुई है। देर शाम तक प्रदर्शन शांतिपूर्ण लेकिन तनावपूर्ण माहौल में जारी रहा।




