
विकास शर्मा
तामुलपुर, 13 नवम्बर, 2025/असम.समाचार
वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम द्वितीय के तहत तामुलपुर जिले के इंडो-भूटान सीमा से लगे जनजातीय गांव नं.1 पहाड़पुर, पाटकिजुली और बोगाजुली में आज जिला प्रशासन की ओर से तीन विशेष बैठकें आयोजित की गईं। पहली बैठक नं.1 पहाड़पुर में, इसके बाद पाटकिजुली और अंत में बोगाजुली में संपन्न हुई।
बैठकों की अध्यक्षता तामुलपुर के उपायुक्त पंकज चक्रवर्ती, एसीएस ने की। इस दौरान ग्रामीणों द्वारा शिक्षा, कृषि, पेयजल, बिजली, स्वास्थ्य सेवाएं, वन प्रबंधन, पशु चिकित्सा, महिला उप-स्वास्थ्य केंद्रों की कमी, मानव-हाथी संघर्ष और वनों की कटाई जैसी समस्याएं प्रमुखता से उठाई गईं।
उपायुक्त ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए बताया कि भारत सरकार ने तामुलपुर जिले के 106 गांवों को “आदि कर्मयोगी अभियान” के अंतर्गत शामिल किया है। उन्होंने कहा कि इस पहल के माध्यम से क्षेत्र की समस्याओं के समाधान के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे।
श्री चक्रवर्ती ने कहा, “सरकार और बोडोलैंड टेरिटोरियल काउंसिल की योजनाओं का लाभ तभी मिलेगा जब ग्रामीण प्रशासन के साथ घनिष्ठ सहयोग बनाए रखेंगे।” उन्होंने आगामी “जनजातीय गौरव दिवस” में अधिक से अधिक संख्या में भाग लेने का भी आग्रह किया, जो 15 नवम्बर को नागरिजुली में आयोजित किया जाएगा।
बैठक के दौरान 64वीं बटालियन एसएसबी के द्वितीय कमांड अधिकारी आर.के. तेज कुमार सिंह ने भी ग्रामीणों से स्थानीय स्तर पर आर्थिक अवसरों का लाभ उठाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि यदि एसएसबी के लिए आवश्यक खाद्य सामग्री स्थानीय स्तर पर उत्पादित की जा सके, तो बल बाहरी स्रोतों से खरीदने के बजाय स्थानीय किसानों से ही इसे खरीदना प्राथमिकता देगा।
हाथियों द्वारा फसलों को नुकसान पहुँचाने के मुद्दे पर उपायुक्त ने कहा कि वैज्ञानिक उपाय अपनाकर इस समस्या का समाधान किया जाएगा।
बैठकों में विभिन्न विभागों के अधिकारी जैसे सहायक आयुक्त अरुणिमा काकोटी, डीआरडीए परियोजना निदेशक भास्करज्योति बरूआ, ब्लॉक विकास अधिकारी देवकुमार बसुमातारी, जल संसाधन विभाग के कार्यपालक अभियंता गोलाप चंद्र दास, कुमारिकाटा राज्य चिकित्सालय के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. अरिंदम कलिता, ब्लॉक प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी अरूणजॉय खुंगर ब्रह्मा, तथा लोक स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के सहायक कार्यपालक अभियंता पंची बारी सहित अन्य विभागीय अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
इन बैठकों को विशेष रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि ये आगामी जनजातीय गौरव दिवस समारोह से ठीक पहले आयोजित की गईं।
यह जानकारी बिजय बेजबरुआ, उप-विभागीय सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी, तामुलपुर ने साझा की।




