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नुमालीगढ़-मरांगी क्षेत्र में हाथियों का कहर, किसानों की मेहनत पर पानी, वन विभाग की चुप्पी पर रोष

ग्रामीणों का आरोप है कि वन विभाग की कार्रवाई सिर्फ कागजों तक सीमित है। क्षेत्र में न तो कोई बचाव दल तैनात है और न ही हाथियों को रोकने के लिए कोई ठोस कदम उठाया गया है।

राजीव कर्मकार

नुमालीगढ़, 23 अक्टूबर 2025/असम.समाचार

मरांगी मौजा क्षेत्र में इन दिनों जंगली हाथियों का आतंक ग्रामीणों के लिए भारी मुसीबत बन गया है। खेतों में खड़ी फसलें रौंदी जा रही हैं, घरों के आसपास हाथियों के झुंड घूम रहे हैं और लोग हर रात भय के साए में जी रहे हैं।

मिरीपथार, तेलियागांव, ढलकासारी और पांगकियाल जैसे गांवों में हालात सबसे ज्यादा गंभीर हैं। बुधवार की रात हाथियों के एक झुंड ने मिरीपथार के विशाल धान के खेतों को रौंद डाला। किसानों की महीनों की मेहनत एक ही रात में बर्बाद हो गई।

स्थानीय लोगों का कहना है कि हाथियों का झुंड अब आवासीय इलाकों और चाय बागानों तक पहुंच गया है। इससे न सिर्फ फसलें नष्ट हो रही हैं, बल्कि लोग भीषण डर के माहौल में जीने को मजबूर हैं।“हम अपनी जान जोखिम में डालकर खुद ही हाथियों को भगाते हैं। सरकार और वन विभाग से कोई मदद नहीं मिलती,” एक आक्रोशित किसान ने कहा।

ग्रामीणों का आरोप है कि वन विभाग की कार्रवाई सिर्फ कागजों तक सीमित है। क्षेत्र में न तो कोई बचाव दल तैनात है और न ही हाथियों को रोकने के लिए कोई ठोस कदम उठाया गया है।

किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र कदम नहीं उठाए गए, तो वे सड़क पर उतरने को मजबूर होंगे। फिलहाल, मरांगी मौजा के गांवों में रातें बेचैनी भरी हैं और हर आवाज़ पर लोगों के मन में यह डर उठता है कि कहीं फिर कोई झुंड न आ जाए।

 

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