नगांव में सीआईडी की पूछताछ, जुबिन गर्ग की मौत पर गहराई से जांच शुरू

डिम्पल शर्मा
नगांव, 22 सितम्बर 2025/असम.समाचार
लोकप्रिय गायक जुबिन गर्ग की रहस्यमयी मौत की जांच के सिलसिले में आज सीआईडी की एक विशेष टीम ने नगांव में उपस्थित होकर एफआईआर दर्ज करने वाले शिकायतकर्ताओं के बयान दर्ज किए।
नगांव सदर थाने में पहुंचे सीआईडी अधिकारियों ने सेवानिवृत्त प्राध्यापक एवं वरिष्ठ पत्रकार नवकुमार महंत, भाजपा नेता विभूति भूषण बोरठाकुर और नगांव नागरिक सभा के सचिव बिरिंची बोरा के विस्तृत बयान लिए।
ज्ञात हो कि जुबिन गर्ग की आकस्मिक मौत की उचित जांच की मांग को लेकर नगांव सदर थाने में नवकुमार महंत और बिरिंची बोरा ने तथा कामपुर थाने में भाजपा नेता विभूति भूषण बोरठाकुर ने अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज कराई थी।
बयान देते हुए नवकुमार महंत ने कहा “जुबिन गर्ग हमारे लिए एक संस्था के समान थे। उन्हें पर्याप्त सुरक्षा नहीं दी गई। साथ ही जिस कार्यक्रम के तहत उन्हें विदेश ले जाया गया था, आयोजकों ने उनकी स्वास्थ्य स्थिति को लेकर कोई चिकित्सीय प्रमाणपत्र तक नहीं लिया। इसी कारण हमने उचित जांच की मांग करते हुए एफआईआर दर्ज की थी। आज सीआईडी ने इस संबंध में हमारा बयान लिया है।”
वहीं भाजपा नेता विभूति भूषण बोरठाकुर ने बताया कि उन्होंने 19 सितम्बर को कामपुर थाने में जुबिन गर्ग की असामान्य मौत की जांच की मांग करते हुए एफआईआर दर्ज कराई थी। उन्होंने आगे कहा कि जुबिन गर्ग के सचिव सिद्धार्थ शर्मा द्वारा अर्जित करोड़ों की संपत्ति की जांच की जाए और यदि यह संदिग्ध पाई जाए तो उसे जब्त कर असम की जनता को सौंपा जाए।
नगांव नागरिक सभा के सचिव बिरिंची बोरा ने तीखे आरोप लगाते हुए कहा“श्यामकानु महंत ने निजी स्वार्थ के लिए जुबिन गर्ग का इस्तेमाल किया और घोर लापरवाही से उन्हें मौत की ओर धकेल दिया। वह अब कहां हैं और क्यों फरार हैं? हमें जुबिन गर्ग का पोस्टमार्टम रिपोर्ट चाहिए और इसे सार्वजनिक किया जाना चाहिए। कोई भी व्यक्ति श्यामकानु के पक्ष में वकालत न करे।”
गौरतलब है कि असम के विभिन्न थानों में दर्ज इन प्राथमिकी को एकत्रित कर राज्य पुलिस मुख्यालय ने जांच की जिम्मेदारी सीआईडी को सौंपी है। सीआईडी ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। एफआईआर में नॉर्थ ईस्ट फेस्टिवल के आयोजक श्यामकानु महंत, जुबिन गर्ग के सचिव सिद्धार्थ शर्मा और सिंगापुर असम एसोसिएशन के अध्यक्ष अभिमन्यु तालुकदार के खिलाफ आरोप लगाए गए हैं।




