कलकत्ता से कामाख्या माता धाम होते हुए हापुड़ तक ऐतिहासिक पदयात्रा का शुभारम्भ

ओपी शर्मा
हापुड़, 16 सितम्बर 2025/असम.समाचार
विश्व कल्याण और सनातन धर्म की रक्षा के संकल्प के साथ एक ऐतिहासिक आध्यात्मिक पदयात्रा का शुभारम्भ आज कलकत्ता काली मंदिर से किया गया। यह यात्रा कामाख्या माता धाम (गुवाहाटी, असम) से होते हुए उत्तर प्रदेश के हापुड़ जनपद में आकर सम्पन्न होगी।
यह भव्य आयोजन अंतर्राष्ट्रीय किन्नर अखाड़ा, उज्जैन की महामंडलेश्वर श्री श्री 1008 माता सती नन्द गिरी जी के पावन सान्निध्य में तथा उनकी शिष्या साध्वी रितु नन्द गिरी (अध्यक्ष, श्री शिवमहापुराण कथा सेवा समिति, हापुड़) के नेतृत्व में किया जा रहा है।
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यात्रा की प्रमुख विशेषताएँ
शुभारम्भ : 16 सितम्बर 2025, गुरुवार – कलकत्ता काली मंदिर से
मार्ग : कलकत्ता ,कामाख्या माता धाम (असम) ,हापुड़ (उत्तर प्रदेश)
समापन : 5 नवम्बर 2025, देव दीपावली – पन्नापुरी, हापुड़ में अखण्ड दिव्य ज्योति की स्थापना के साथ
यात्रा के दौरान भजन-कीर्तन, सत्संग, धार्मिक अनुष्ठान और सनातन संस्कृति के प्रचार-प्रसार का आयोजन होगा।
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आयोजन समिति का संदेश
साध्वी रितु नन्द गिरी ने कहा कि यह यात्रा केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं बल्कि भारत की आध्यात्मिक धरोहर और सनातन संस्कृति को जन-जन तक पहुंचाने का महायज्ञ है।
महामंडलेश्वर माता सती नन्द गिरी जी ने इसे गौसेवा, नारी-शक्ति और सामाजिक समरसता को बढ़ावा देने वाली यात्रा बताया।
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हापुड़ बनेगा ऐतिहासिक क्षण का साक्षी
5 नवम्बर को देव दीपावली पर पन्नापुरी (हापुड़) में जब अखण्ड दिव्य ज्योति प्रज्वलित होगी, तो नगर का वातावरण दिव्यता से आलोकित होगा। हजारों श्रद्धालुओं की उपस्थिति से यह अवसर एक ऐतिहासिक क्षण बन जाएगा।
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अखण्ड ज्योति यात्रा का मार्ग
1. कामाख्या मंदिर
2. बरपेटा
3. फलाकटा
4. मालदा
5. बेरहामपुर
6. कालीघाट (कलकत्ता)
7. बर्धमान
8. आसनसोल
9. धनबाद
10. औरंगाबाद
11. मुगलसराय
12. प्रयागराज
13. कानपुर
14. कन्नौज
15. हापुड़
यह पदयात्रा न केवल हापुड़ बल्कि सम्पूर्ण भारतवर्ष के लिए सनातन धर्म और विश्व शांति का संदेशवाहक बनने जा रही है।




