
ब्यूरो रिपोर्ट
गुवाहाटी, 18 सितंबर 2025/असम.समाचार
असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी (एपीसीसी) ने भाजपा पर बड़ा आरोप लगाते हुए दिसपुर थाने में शिकायत दर्ज कराई है। कांग्रेस का कहना है कि भाजपा नेताओं ने एआई (Artificial Intelligence) तकनीक का इस्तेमाल कर राहुल गांधी और सांसद गौरव गोगोई की छवि बिगाड़ने वाले वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित किए। इन वीडियो को अल्पसंख्यक समुदायों के खिलाफ नफरत फैलाने के मकसद से तैयार किया गया था।
कांग्रेस का आरोप है कि 12 और 15 सितंबर को भाजपा नेताओं व कार्यकर्ताओं ने अपने आधिकारिक फेसबुक पेज पर दो ऐसे वीडियो अपलोड किए, जिनमें राहुल गांधी और गौरव गोगोई की छवियों को गलत तरीके से पेश किया गया। एपीसीसी मीडिया विभाग के अध्यक्ष बेदब्रत बोरठाकुर के हस्ताक्षर से दर्ज एफआईआर में कहा गया है कि इस तरह की हरकतें राज्य में सांप्रदायिक विभाजन को बढ़ावा दे सकती हैं।
एफआईआर दर्ज कराने के बाद सुबह 11:30 बजे कांग्रेस का एक प्रतिनिधिमंडल राज्य निर्वाचन आयुक्त रंजन शर्मा से मिला और एक ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व एपीसीसी महासचिव (संगठन) बिपुल गोगोई ने किया। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव नजदीक आते ही भाजपा माहौल को सांप्रदायिक रंग देकर फायदा उठाना चाहती है। कांग्रेस ने मांग की कि भाजपा के आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से ऐसे भड़काऊ पोस्ट हटाए जाएं।
राज्य निर्वाचन आयुक्त ने ज्ञापन पर गंभीरता से कार्रवाई का भरोसा दिलाया। कांग्रेस नेताओं ने आयोग को याद दिलाया कि भाजपा पहले भी चुनावों के दौरान इसी तरह के हथकंडे अपना चुकी है, जो लोकतंत्र और भाईचारे के लिए खतरा हैं।
इस मौके पर वरिष्ठ नेता गोपाल शर्मा, मीडिया विभाग के अध्यक्ष बेदब्रत बोरा, सोशल मीडिया विभाग के अध्यक्ष प्रफुल्ल कुमार दास, सह-अध्यक्ष प्रतीक बोरदोलोई, मीडिया विभाग के महासचिव रूपक दास और संबीते शर्मा मौजूद थे।
पत्रकारों से बातचीत में बेदब्रत बोरा ने कहा कि भाजपा सत्ता के लिए किसी भी हद तक गिर सकती है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे सतर्क रहें और ऐसे भ्रामक प्रचार का शिकार न हों। बोरा ने दोहराया कि कांग्रेस महात्मा गांधी के अहिंसा के सिद्धांतों से प्रेरित होकर लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखेगी।





