काठमांडू में धुंधली सुबह: गुस्से की आग में झुलसी राजधानी

महेश अग्रवाल
काठमांडू 9 सितम्बर 2025/असम.समाचार
मंगलवार की सुबह राजधानी का आसमान मानो राख से रंग गया। जगह-जगह से उठते धुएं के गुबार ने काठमांडू की रौनक को धुंध में बदल दिया।
युवा नेतृत्व वाले प्रदर्शनकारियों ने शहर की सड़कों पर उग्रता का अलाव जला दिया। सरकारी संपत्तियों, वाहनों और बैरिकेड्स को आग के हवाले कर दिया गया। गाड़ियों के शीशों की किरचें और धधकते टायर शहर की बेचैनी बयान कर रहे थे।
लोग कहते हैं, यह सिर्फ प्रदर्शन नहीं, एक गूंगी चीख है सरकार तक पहुँचने की कोशिश। पर सवाल यह भी उठता है कि जो धुआं आसमान को ढक रहा है, क्या वह उम्मीदों का रास्ता भी रोक देगा?
काठमांडू आज राख में अपना चेहरा देख रहा है कल क्या देखेगा, ये कोई नहीं जानता।
नेपाल में जारी राजनीतिक संकट ने हिंसक रूप ले लिया है। प्रधानमंत्री इलाज के बहाने देश छोड़ चुके हैं, वहीं युवाओं का आंदोलन और तेज हो गया है। प्रदर्शनकारियों ने ओली सरकार को हटाने की मांग तेज कर दी है।
अब तक हुई हिंसा में 25 लोगों की मौत और 500 से अधिक लोग घायल हो चुके हैं। हालात बेकाबू होते देख सरकार ने हाथ खड़े कर दिए हैं।
इस बीच, स्वास्थ्य मंत्री प्रदीप पॉडेल और कृषि मंत्री ने इस्तीफा दे दिया है। गुस्साए प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री आवास सहित सभी प्रमुख सरकारी कार्यालयों को आग के हवाले कर दिया।
फ़ोटो,,, थर्ड पार्टी



