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श्रीभूमि में डीजे उपसंस्कृति के खिलाफ नागरिक समाज का विरोध तेज

करुणा देब

श्रीभूमि, 23 अगस्त 2025/असम.समाचार

पूजा का माहौल नजदीक आते ही श्रीभूमि जिले में डीजे उपसंस्कृति के खिलाफ नागरिक समाज का विरोध एक बार फिर तेज हो गया है। खासकर दशमी के दिन मूर्ति विसर्जन के दौरान पारंपरिक ढाक-ढोल की जगह तेज आवाज में डीजे बजाने और अश्लील नृत्य-गानों के चलन को रोकने के लिए स्थानीय नागरिक समाज सक्रिय हो गया है।

मंगलवार को शहर के गणमान्य नागरिकों ने जिलाधिकारी प्रदीप कुमार त्रिवेदी से मुलाकात कर इस पर सख्त कार्रवाई की मांग की। इस प्रतिनिधिमंडल में श्रीभूमि रामकृष्ण मठ एवं मंदिर के महाराज, पूर्व सांसद मिशन रंजन दास, शहर के बुद्धिजीवी और अन्य प्रमुख नागरिक शामिल थे। उन्होंने जिलाधिकारी को एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें कहा गया कि दशमी के दिन डीजे पर बजने वाले अश्लील गाने और नृत्य का हिंदू धार्मिक परंपराओं से कोई संबंध नहीं है।

नागरिक समाज का कहना है कि यह प्रवृत्ति समाज को गलत दिशा में ले जा रही है। डीजे पर बजने वाले तेज संगीत से हृदय रोगियों, वरिष्ठ नागरिकों और बीमार व्यक्तियों को गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। कई मामलों में यह तेज शोर हृदय रोगियों के लिए जानलेवा साबित हो रहा है।

ज्ञापन में यह भी आरोप लगाया गया कि कई क्लब पूजा के मुख्य सांस्कृतिक कार्यक्रमों को सीमित कर केवल डीजे संगीत पर जोर दे रहे हैं, जो हिंदू संस्कृति का हिस्सा नहीं है। नागरिक समाज ने प्रशासन से मांग की है कि इस प्रवृत्ति पर तत्काल अंकुश लगाया जाए और हर क्लब को मूर्ति विसर्जन के दौरान डीजे संगीत से परहेज करने के लिए बाध्य किया जाए।

जिलाधिकारी प्रदीप कुमार त्रिवेदी ने इस मुद्दे पर गंभीरता से विचार करने का आश्वासन दिया और कहा कि प्रशासन पूजा के दौरान पारंपरिक सांस्कृतिक मूल्यों की रक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाएगा।

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