असम.समाचार(स्पेशल)

शिवसागर के एक परिवार ने आज़ादी की जंग के दुर्लभ दस्तावेज़ व तिरंगा को सहेजा

शिवसागर 16 अगस्ट 2025(असम.समाचार)

आज़ादी के 79वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर शिवसागर ज़िले का एक परिवार अब भी स्वतंत्रता संग्राम से जुड़े अमूल्य दस्तावेज़ों और धरोहरों को सहेजे हुए है। ये धरोहरें दिवंगत स्वतंत्रता सेनानी मोहम्मद हुसैन ने संरक्षित की थीं, जिनका निधन 1971 में हुआ था। उनके पोते अशरफुल हुसैन और परिवार आज भी इन ऐतिहासिक धरोहरों की देखभाल कर रहे हैं।

इनमें 1950 में फहराया गया तिरंगा, पंडित जवाहरलाल नेहरू द्वारा लिखे गए हाथ से लिखे पत्र तथा अन्य हस्तलिखित दस्तावेज़ शामिल हैं। नेहरू के पत्रों में उस दौर में सांप्रदायिक सौहार्द और एकता बनाए रखने का विशेष संदेश दर्ज है।

 

मोहम्मद हुसैन, सिवसागर ज़िले के एक समर्पित स्वतंत्रता सेनानी थे, जिन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान 40 बीघा ज़मीन का बलिदान दिया और कई आंदोलनों व आयोजनों में सक्रिय भूमिका निभाई।

आज उनके उत्तराधिकारी परिवार ने सरकार से अपील की है कि शिवसागर के स्वतंत्रता संग्राम में दिए गए योगदान को उचित मान्यता मिले और इन धरोहरों को सुरक्षित रखने के लिए स्थानीय स्तर पर आर्काइव या संग्रहालय की स्थापना की जाए। परिवार का कहना है कि उनके दादा के नाम पर कोई स्मृति स्थल या संस्थान स्थापित किया जाए, ताकि आने वाली पीढ़ियाँ इस संघर्ष और बलिदान की विरासत से प्रेरणा ले सकें।

परिवार का स्पष्ट कहना है कि इन दस्तावेज़ों और धरोहरों को राष्ट्रीय धरोहर के रूप में मान्यता देकर सहेजा जाना चाहिए, जिससे स्वतंत्रता संग्राम की इस अमूल्य धरोहर को भविष्य के लिए सुरक्षित रखा जा सके।

 

संवाददाता-केशव पारीक

 

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