2012 असम के चिरांग सांप्रदायिक हिंसा मामला: पाँच दोषियों को उम्रकैद

कनक चंद्र बोरो
बोंगाईगाँव/कोकराझार, 13 अगस्त 2025/असम.समाचार
विशेष सीबीआई अदालत, बोंगाईगाँव ने 2012 में असम के चिरांग जिले में हुई सांप्रदायिक हिंसा के दौरान एक हत्या मामले में पाँच आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। यह फैसला विशेष न्यायाधीश मौसमी डेका ने सुनाया।
उम्रकैद की सजा पाने वालों में मोहम्मद जयनुद्दीन शेख, अब्दुल खालेक, नबी हुसैन, मोहम्मद हबीजुर और उस्मान अली शामिल हैं। अदालत ने इन्हें पूर्व नियोजित हत्या और साजिश का दोषी करार दिया।
मामला वर्ष 2012 का है, जब असम के कई इलाकों में सांप्रदायिक हिंसा भड़क उठी थी। चिरांग जिले के बिजनी थाना अंतर्गत हाश्राओबारी में हुई एक घटना में सात लोगों के समूह ने धारदार हथियारों से हमला कर रत्नेश्वर बसुमातारी की हत्या कर दी थी।
घटना की जांच बाद में सीबीआई को सौंपी गई। जांच एजेंसी ने सात आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया था, जिनमें से एक आरोपी अब भी फरार है, जबकि एक की मौत न्यायिक हिरासत में हुई।
अधिवक्ता का कहना है कि यह फैसला पीड़ित परिवार के लिए न्याय का महत्वपूर्ण क्षण है और इससे समाज में अपराधियों के खिलाफ सख्त संदेश जाएगा।